इटावा। एआरटीओ में ट्रकों के रजिस्ट्रेशन का बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। फर्जी चेचिस नंबर डालकर 45 पुराने ट्रकों का रजिस्ट्रेशन करा लिया गया। ये ट्रक मणिपुर प्रदेश से खरीदकर लाए गए हैं। एक ट्रक के सत्यापन में गड़बड़ी सामने आने पर जांच हुई तो पूरा मामला सामने आ गया। एआरटीओ ने बाबू और 29 ट्रक के मालिकों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एआरटीओ सौरभ कुमार ने बताया कि करीब दो महीने पहले एक व्यक्ति एक ट्रक के रजिस्ट्रेशन का सत्यापन कराने आया था। उसकी जांच में चेचिस नंबर गलत निकला। ये ट्रक मणिपुर से खरीद कर लाया गया था, वहां की एनओसी के आधार पर ही यहां रजिस्ट्रेशन हुआ था। इसके बाद मणिपुर की एनओसी के आधार पर पंजीकृत सभी ट्रकों की जांच कराई गई। एनओसी नेशलन रजिस्टर (एनआर) पर शो कर रही थी। फिर वाहन कंपनियों के जरिए चेचिस का मिलान किया गया। इसमें चेचिस नंबर फर्जी निकाल।
चेचिस नंबर उत्तर प्रदेश के दूसरे वाहन का दर्ज कराया गया है। एआरटीओ ने बताया कि लिपिक अविनाश सिंह पहले बड़े वाहनों से पंजीकरण पटल पर तैनात था। शिकायत आने पर उसे हटाकर जांच कराई गई, जिसमें 45 ट्रकों का रजिस्ट्रेशन कर फर्जी चेचिस पर दर्ज मिला है। गुरुवार शाम को आगरा के जोनल अधिकारी ने एआरटीओ कार्यालय पहुंचकर जांच की।
एआरटीओ ने बताया कि कोई भी कंपनी वाहन में इंजन और चेचिस नंबर डालती है। वाहन कंपनी से निकलते समय किस प्रदेश की किस एजेंसी के जरिये बेचा जाएगा इसका ब्योरा दर्ज होता है। ट्रक मणिपुर से खरीद कर लाए गए हैं लेकिन उनमें दर्ज चेचिस नंबर उत्तर प्रदेश की एजेंसी से बेचे गए वाहनों लिखा मिला।
एआरटीओ ने धोखाधड़ी करके जिन लोगों के नाम पर इन ट्रकों को दर्ज कराया गया है। उनमें सुनीता, रोहित, ममता, सुभाष, हकमुद्दीन, विनोद, नवाब अंसारी, एचडीटीसी एंड लोजिस्टिक प्रा लि के नाम दो मामले हैं, बलजीत सिंह, विकास, नुरुल हसन, शहजाद अली, राघवेंद्र, राजेश प्रसाद, मोहम्मद अतीक, रचना यादव, हरीशंकर, मोहम्मद सारिक, प्रदीप चंद, राघवेंद्र सिंह, साजन कुमार , राजेश सिंह व सुखदास, विवेक शर्मा, विनोद, मुकेश, हकमुद्दीन, प्रदीप सिंह व लिपिक अविनाश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।