इटावा-कानपुर हाईवे पर सरायमिट्ठे गांव के पास सोमवार तड़के पंक्चर कार का पहिया बदलने समय तेज रफ्तार ट्रक ने 11 लोगों को कुचल दिया। घायल करीब ढाई घंटे तक हाईवे पर तड़पते रहे, किसी राहगीर ने मदद नहीं की।
एक राहगीर की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया। कार चालक और पिता व पुत्र को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। आठ घायलों को गंभीर हालत चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई रेफर कर दिया गया।
झांसी जिले के गुरसराय थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के बुद्ध सिंह (55) पत्नी रूपा के साथ दिल्ली के मायापुरी में रहकर प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करते थे।
उनका बेटा दीपक (25) पत्नी प्रीति व एक साल के बेटे के साथ नोएडा के कालीचरन मार्ग कासना में रहकर केमिकल फैक्ट्री में काम करता था। प्रीति ने बताया कि ससुर और पति समेत 11 लोग रविवार को कार में दिल्ली से गांव लौट रहे थे।
सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे इटावा-कानपुर हाईवे पर बकेवर थाना क्षेत्र के सरायमिठ्ठे गांव स्थित किशनपुर माइन के पास कार का टायर पंक्चर हो गया। चालक कमरुजमा (50) सुल्तानपुरी, नई दिल्ली ने सवारियों को उतार दिया और हाईवे पर ही कार खड़ी कर पहिया बदलने लगा। कार सवार सड़क पर खड़े थे।
इटावा की ओर से आया तेज रफ्तार ट्रक चालक और कार खड़े यात्रियों को कुचलता हुआ निकल गया। खून से लथपथ होकर सभी सड़क पर गिर गए। प्रीति ने बताया कि वह किसी तरह खड़ी हुई और हाईवे से गुजर रहे लोगों से मदद की गुहार लगाई।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए हाथ जोड़े लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। एक राहगीर ने पुलिस और एंबुलेंस को फोन किया। इसके करीब ढाई घंटे बाद पुलिस व एंबुलेंस मौके पर आई और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
कार चालक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया जबकि बुद्ध सिंह और दीपक की अस्पताल में मौत हो गई। आठ घायलों को डॉक्टर ने सैफई रेफर कर दिया। थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। ट्रक और उसके चालक का पता लगाया जा रहा है।
बुद्धी सिंह की पत्नी रूपा (45), दीपक की पत्नी प्रीति (20), दीपक का एक साल का बेटा, संदीप (30) उसकी पत्नी सीमा (22), प्रमोद मनोहर (25) उसकी पत्नी और आठ माह की बेटी रिया।
जिला अस्पताल में प्रीति व उसकी सास रूपा ने हंगामा किया। प्रीति ने बताया कि जब उसके पति व ससुर को अस्पताल लाया गया था, दोनों की सांसे चल रही थीं। उसके कहने के बाद भी डॉक्टरों ने दोनों का फौरन इलाज शुरू नहीं किया। सास, बहू ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
पति व ससुर की मौत से दुखी प्रीति बेटे आदि व सास रूपा के साथ जिला अस्पताल के पीछे शवगृह में पहुंच गई। वहां शव देख दोनों बिलख पड़ीं। दोनों ने एक-दूसरे को ढांढस बंधाने का प्रयास किया, लेकिन उनके आंसू थम नहीं रहे थे।
पिता की मौत से अनजान मासूम आदि शवगृह के बाहर खेलता रहा। दोपहर बाद प्रीति के पिता व अन्य रिश्तेदार पहुंचते तो फिर सभी लोग दहाड़े मार कर रो पड़े। पुलिसकर्मियों ने दुखी परिजनों को समझा कर शांत कराया।
पंचायत चुनाव के पहले चरण में 15 अप्रैल को झांसी में मतदान होना है। प्रीति ने बताया कि गांव से कुलदीप ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रहे हैं। कुलदीप ने ही पति, ससुर व अन्य लोगों को मतदान के लिए झांसी बुलाया था। मतदान करने सभी लोग गांव जा रहे थे।