आंधी में गिरे नीम के पेड़ को हटाने में एक दुकानदार घायल हो गया था। अस्पताल से आगरा ले जाते समय उसकी मौत हो गई। घटना से गुस्साए व्यापारियों ने तहसील चौराहे पर जाम लगा दिया।
व्यापारी घटना के लिए तहसील के नाजिर को जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह एवं सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाया-बुझाया। एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह ने नाजिर के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। तब कहीं करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुला।
गौरतलब है कि सिंधी मार्केट में सदर तहसील की ओर स्थित एक नीम का पेड़ मंगलवार की शाम आई आंधी में उखड़ कर दुकानों पर जा गिरा था। इस बीच व्यापारियों ने पेड़ हटवाने की मांग प्रशासन से की लेकिन बुधवार को भी उसे हटवाया नहीं गया।
बृहस्पतिवार को चूड़ी दुकानदार व लालपुरा पजैया निवासी रवि कुमार अपनी क्षतिग्रस्त दुकान दुरुस्त करने में लगा था। तभी अचानक पेड़ की एक मोटी डाल उस पर आ गिरी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसे जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया लेकिन हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे आगरा रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
हादसे से गुस्साए दुकानदारों ने व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनंत प्रताप अग्रवाल की अगुवाई में तहसील चौराहे पर जाम लगा दिया। व्यापारी नेता अनंत ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को फोन से सूचित करके पेड़ हटवाने का आग्रह किया था। नगरपालिका के जेई पेड़ हटवाने भी गए थे, लेकिन तहसील के नाजिर ने इसे हटने नहीं दिया।
जिससे यह हादसा हो गया। व्यापार मंडल ने दुकानदार के परिजनों को आर्थिक मदद और नाजिर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान व्यापारी नेता सदाशिव श्रीवास्तव, सुनील जैन, गुरुभेज सिंह भेजा, संतोष सोनी, प्रत्यूष वर्मा, गोरखनाथ वर्मा आदि सिंधी मार्केट के तमाम दुकानदार चौराहे पर जाम लगाए रहे।
सूचना मिलने पर एडीएम व सीओ सिटी मौके पर पहुंचे। उन्होंने समुचित कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नाजिर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।
करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका। एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मृतक रवि कुमार को दैवीय आपदा के तहत आर्थिक मदद देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जाम रहा ग्वालियर हाइवे
इटावा। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्वालियर हाइवे पर यमुना पुल से पहले एक साथ दो ट्रक अगल-बगल में खराब हो गए। इस कारण हाइवे पर यातायात बाधित हो गया। वाहनों की भीड़ बढ़ने के साथ ही दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लगती चली गई।
बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद बीच रोड पर खड़े ट्रकों को हटवाकर जाम खुलवाया। हाइवे पर करीब पांच घंटे यातायात बाधित रहा। गुरुवार की सुबह करीब सात बजे यमुना पुल से पहले खराब ट्रक को ओवरटेक करते समय दूसरा ट्रक भी बरावर में खराब हो गया।
ओवरलोड ट्रकों के बीच रोड पर खराब होने से ग्वालियर हाइवे पर यातायात थम गया। धीरे-धीरे वाहनों की संख्या बढ़ती गई और जल्दी निकलने के चक्कर में अन्य वाहन भी आड़े तिरछे फंस गए।