नुमाइश पंडाल में मंगलवार की रात कन्या भ्रूण हत्या पर नाटकों के जरिए समाज की इस कुरीति पर प्रहार किए गए। क ार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य एवं चिकित्सा निदेशक डॉ. रामबाबू रहे।
इस मौके पर डॉ. रामबाबू ने कहा कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे माता-पिता का नाम रोशन कर रही हैं। हमें बेटा तथा बेटियों में भेद नहीं करना चाहिए। लड़कियों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। पढ़ी लिखी लड़की दो परिवारों में शिक्षा की मसाल रोशन करती है।
सीएमओ डॉ. उदयवीर सिंह ने कहा कि गर्भ में पलने वाला चाहे लड़का हो या लड़की भ्रूण की जांच किसी भी दिशा में नहीं करानी चाहिए। ऐसा करने से समाज में लिंगानुपात असंतुलित हो रहा है। सीएमएस डॉ. वीएस अग्निहोत्री ने कहा कि बेटी की भी उतनी ही आवश्यकता है जितनी कि लड़के की। बेटा होता रहेगा तो बहू कहां से आएगी।
इस अवसर पर एनआरएचएम के जिला प्रबंधक संदीप दीक्षित, जिला कम्यूनिटी प्रोसेस मैनजर अनूप श्रीवास्तव ने भी अपने विचार रखे। नेहरू युवा केंद्र विजय नगर के रंग कर्मियों प्रियंका सक्सेना, विभा तिवारी, शुभा तिवारी, ऋतु तोमर ने नाटक का मंचन कर सामाजिक अभिशाप के खिलाफ संदेश दिया।
हरियाणा से आए शुरूआत समिति के कलाकारों राजीव रंजन, रीता रंजन ने साधना, त्रासदी नाटकों के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या पर प्रहार किए। जादूगर दिनेश कौशल ने अपना हुनर दिखाया। शीतल प्रसाद शोरावाल बालिका इंटर कालेज, राजकीय कन्या इंटर कालेज, जेके हास्पिटल तथा बलराम सिंह नर्सिंग कालेज की छात्राओं ने प्रस्तुतियां दीं।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत हुआ। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह, सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक जेकेएस चंदेल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर के चौरसिया, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह, डॉ. अनुज यादव, डॉ. अनुराग श्रीवास्वत, डॉ. मनोज यादव आदि उपस्थित रहे।