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इटावा: शिकायतें कम फिर भी निस्तारण न होेने का गम

Sun, 12 Feb 2023 04:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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बसरेहर। थाना दिवस के तहत डीएम और एसएसपी ने बसरेहर और चौबिया में शिकायतें सुनीं। बसरेहर में एक शिकायत और चौबिया में दो शिकायतें आईं। तीनों शिकायतें जमीन के विवाद की थी। इनका मौके पर निस्तारण नहीं हो सका।
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डीएम अवनीश राय और एसएसपी संजय कुमार सुबह करीब पौने 12 बजे बसरेहर थाने पहुंचे। यहां उन्होंने आधे घंटे तक समस्याएं सुनीं। इस बीच सिर्फ एक फरियादी जमीन संबंधी विवाद का मामला लेकर आया। लेखपाल और थानाध्यक्ष को निष्पक्ष जांच कराकर समाधान कराने के निर्देश दिए। एसएसपी ने बसरेहर थाने में भी पहुंच कर निरीक्षण किया। निस्तारण के बारे में भी जानकारी ली।

सैफई में तीन फरियादी पहुंचे
सैफई/जसवंतनगर। एसपी देहात सतपाल सिंह ने सैफई थाने में समस्याएं सुनीं। इसमें तीन फ़रियादी पहुंचे। गांव लॉगपुर के धर्मेंद्र इकुमार ने आरोप लगाया कि जमीन पर कब्जा करके फर्जी बैनामा कर दिया। नगला सुभान निवासी प्रमोद कुमार जाटव ने बताया कि वह परिवार के साथ कानपुर में रहता है। परिवार के कुछ लोगों ने प्लॉट पर कब्जा कर लिया है। जानकारी पर हम लोग आए तो कब्जेदार मारपीट पर आमादा हो गए। ग्राम लटूपुर से ऊषा देवी ने स्टे होने के बावजूद गांव के लोगों पर जबरन मिट्टी डालने का आरोप लगाया है।
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वहीं जसवंतनगर थाना परिसर में एसडीएम कौशल किशोर की अध्यक्षता में थाना दिवस हुआ। मोहल्ला अहीरटोला निवासी संगीता देवी ने बताया कि उनके दो प्लाॅट हैं। इनका उन्होंने बैनामा कराया था। मोहल्ले के दबंग कब्जा किए हैं। एसडीएम ने सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल करने की सलाह दी। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक मुकेश सोलंकी , लेखपाल शमशेर बहादुर, जहीर खान आदि मौजूद रहे।

नहीं आए प्रशासनिक अधिकारी
बकेवर। शनिवार को थाना बकेवर में कोई भी अधिकारी समस्याएं सुनने नहीं पहुंचा। सिर्फ प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान ने समस्याएं सुनीं। प्रशासनिक अधिकारी न आने से लेखपालों ने भी मनमाना रवैया अपनाया। कई लेटलतीफ आए तो कई को फोन करके बुलाना पड़ा। ग्राम लुधियानी निवासी छोटे लाल ने शिकायती पत्र देकर बताया कि पड़ोस के ही नामजद लोगों ने उनकी जगह पर कूड़ा करकट डालते हैं। मना करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। गांव हर्राजपुर के अंकुर ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों ने खेत पर कब्जा करके जोत लिया हैं। विरोध पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर संबंधित लेखपाल को तलाशा गया तो वह उपस्थित नहीं थे। पुलिस के फोन करने पर लेखपाल में बेरीखेड़ा गांव में सर्वे के काम में लगे होने की जानकारी दी।
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