फोटो: 23 ऊबड़ खाबड़ रास्ते पर खड़े बबूलों के बीच से होकर आते लोग
चकरनगर। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोला के सिरसा गांव से चंबल नदी का कच्चा मार्ग इन दिनों ग्रामीणों के लिए समस्या बना हुआ है। रास्ता पूरी तरह उबड़-खाबड़ हो चुका है और जगह-जगह विलायती बबूल उग आने से आवागमन बाधित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी अंतिम संस्कार के दौरान सामने आती है जब ग्रामीणों को नदी किनारे तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सोमवार गांव में ही एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार चंबल नदी किनारे किया गया लेकिन अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को कच्चे और संकरे मार्ग से गुजरते हुए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर चार लोगों के लिए एक साथ कंधा देकर चलना भी संभव नहीं हो सका जिससे दो लोगों को पार्थिव शरीर लेकर आगे बढ़ना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सरकारी जमीन उपलब्ध न होने के कारण श्मशान घाट का निर्माण नहीं हो पाया है। विजय बहादुर, श्रीकृष्ण, अखिलेश यादव, अमोल यादव, कक्कू, माता प्रसाद, राजेश और वीनेश यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मनरेगा योजना के तहत चंबल नदी तक के मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग की है जिससे लोगों को चंबल तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
ग्राम प्रधान ने पिछले वर्ष रास्ता सही कराया था। वह एक बार फिर से मनरेगा के तहत रास्ता सही कराने का निर्देश देंगे। जहां पक्का रास्ता बन सकता है वहां पक्का बनाया जायेगा।
यदुवीर सिंह, बीडीओ चकरनगर