रविवार की दोपहर करीब 12:40 बजे एक बार फिर भूकंप के झटके ने हड़कंप मचाया। करीब 40 सेकेंड तक धरती कांपती रही। भूकंप का अहसास होते ही लोग घर से निकलकर खुले आसमान के नीचे खड़े हो गए।
शनिवार की तुलना में रविवार की दोपहर आए झटके की तीव्रता कम रही। शहर के साथ ही प्रमुख कस्बों में कई मकानों में दरारें आने की खबर है। शनिवार की दोपहर 11:40 बजे पर जिले में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया था। करीब एक मिनट तक हड़कंप मचा रहा। भूकंप के झटके से जिले भर के लोग दहशत में आ गए।
दोपहर के बाद शाम और फिर रात में भूकंप आने की चर्चाओं से लोगों में दहशत देखी गई। रविवार की दोपहर 12:40 बजे फिर से जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। धरती कांपने का अहसास लोगों को हुआ तो वे जान बचाने के लिए खुले आसमान की ओर भाग खड़े हुए। करीब 40 सेकेंड तक जमीन कांपती रही। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
भूकंप की दहशत के कारण जिले के कई गांवों में लोग घरों के बाहर सोये। भूकंप के झटकों से कई मकानों में दरार आ गई। ऊसराहार कस्बा में कस्बा स्थित मोहम्मद शरीफ के मकान में भूकंप के कारण पांच स्थानों पर जगह-जगह दरारें आ गईं।
मकान के पास ही खड़ा पेड भी भूकंप के झटकों से झुक गया। कस्बा के संजीव गुप्ता ने बताया कि 12:40 बजे वह घर पर खाना खा रहे थे। इसी बीच जमीन अचानक हिलने लगी थी।
पब्लिक के साथ प्रशासन भी चिंतित
इटावा में भूकंप के झटके महसूस होने से पब्लिक के साथ ही प्रशासन भी चिंतित है। आपदा प्रबंधन के लिए डीएम की ओर से शनिवार को ही अफसरों की जिम्मेदारी तय की जा चुकी है। जिन्हें जिम्मेदारी मिली है, उनकी परेशानी बढ़ गई हैं क्योंकि सीमित संसाधन में दैवीय आपदा से निपटने में वे खुद को कमजोर मान रहे हैं।
जिले में फायर ब्रिगेड की बदहाल स्थिति, डाक्टरों की कमी से ही अनुमान लगाया जा सकता है कि दैवीय आपदा से निपटने में जिला किस हद तक सक्षम है।
स्कूल-कालेजों में 27-28 की छुट्टी
इटावा। नेपाल में भूकंप की भयावहता को देखते हुए सावधानी वश जिले के स्कूल-कालेजों में दो दिन 27 व 28 अप्रैल की छुट्टी घोषित कर दी गई। जिला विद्यालय निरीक्षक तथा बीएसए की और से इस संबंध में सभी प्रिंसिपलों को अवगत करा दिया गया है।
आदेश समस्त परिषदीय, मान्यता प्राप्त, वित्तविहीन विद्यालयों के साथ सीबीएसई आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा। यदि कोई विद्यालय खुला हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को आए भूकंप से नेपाल के साथ देश-प्रदेश के कई जिलों में भारी जनधन की हानि हुई है।
मौसम वैज्ञानिक भी लगातर 15 दिन तक खतरे की आशंका जता रहे हैं। रविवार को भी जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं। शासन ने खतरे को भांपते हुए 27 व 28 अप्रैल को सभी विद्यालयों में अवकाश रखने के निर्देश दिए हैं।
शासन के निर्देशानुसार जिला विद्यालय निरीक्षक डा. देवेद्र प्रकाश ने शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, वित्तविहीन इंटर कालेज तथा सीबीएसई बोर्ड व आईसीएसई से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शासन की मंशा से अवगत कराते हुए विद्यालयों में दो दिन का अवकाश रखने के निर्देश दिए है।
आदेश में विद्यालय खुला पाए जाने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। इसी प्रकार बीएसए जेपी राजपूत ने अपने अधीन सभी प्रधानाध्यापकों को दो दिन का अवकाश रखने के निर्देश दिए है। बचपन प्ले स्कूल के डायरेक्टर राहुल दीक्षित ने बताया कि उनके स्कूल भी बंद रहेंगे।