इटावा। नियमानुसार कोरोना पॉजिटिव मिलने पर पूरा गांव सील कर दिया जाता है लेकिन मरीज की समझदारी से बढ़पुरा ब्लॉक का कंठगवा गांव सील होने से बच गया। उधर, शहर के मोहल्ला कबीरगंज में सच छुपाने पर पूरा परिवार संक्रमित हो गया।
बढ़पुरा ब्लॉक का कंठगवा का 30 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित निकला है। युवक के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह गाजियाबाद में रहकर नौकरी करता था। लॉकडाउन के बीच सवारी वाहनों से 19 मई को गांव पहुंचा। उसे बुखार और गले में तकलीफ महसूस हुई तो 20 मई को अकेले ही जिला अस्पताल पहुंच गया। वहां उसका सैंपल लिया गया। डॉक्टर ने उसे घर में क्वारंटीन रहने की सलाह दी।
जागरूक युवक न किसी से मिला और न ही अपने घर से निकाला। युवक की वजह से कंठगवा की उसी गली को सील किया गया है, जिसमें उसका मकान है। थानाध्यक्ष इकदिल समीर कुमार ने बताया कि संक्रमित युवक के मोहल्ले को ही सील किया गया है। -ब्यूरो
उधर, शहर के मोहल्ला कबीरगंज में एक ही परिवार में छह लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इस परिवार की एक बुजुर्ग महिला की तबियत बिगड़ी थी। परिवार के लोग 16 मई को उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां सैंपल लिया गया था। डॉक्टरों ने रिपोर्ट आने तक महिला को अलग कमरे में रखने को कहा था लेकिन परिवार के लोग उसे निजी क्लीनिक पर भी ले गए। क्लीनिक के डॉक्टर से कोरोना जांच की बात भी छुपाई।
इस बीच पूरा परिवार महिला के संपर्क में रहा। 19 मई को महिला की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर परिवार के लोगों के सैंपल लिए गए तो 12 वर्ष के किशोर समेत पांच और लोग संक्रमित हो चुके थे। यदि घर के लोग समझदारी दिखाते तो पूरा परिवार संक्रमित होने से बच सकता था। ब्यूरो