पुराना भरथना स्थित मां गमा देवी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा पर श्रद्धालुओं को पं. अखिलेश कुमार दीक्षित ने कथा का रसापान कराया।
उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाया कि सत्य तो केवल परमात्मा ही है क्योंकि जब वह ब्रह्मा जी रूप में आते हैं तो सृष्टि का सृजन होता है। जब विष्णु रूप में आते हैं, तो सृष्टि का पालन पोषण होता है। जब भगवान शिव के रूप में आते हैं तो सृष्टि का संहार करते हैं। परमात्मा एक ही है, लेकिन उनके रूप अनेक हैं इसीलिए पर ब्रह्म परमात्मा ही सत्य हैै।
कथा सुनाते हुए पं. दीक्षित ने बताया एक बार राधा रानी सोचने लगी कि पृथ्वी पर धर्म की स्थापना कैसे हो। तो राधा रानी को सुखदेव जी का स्मरण हो आया और सुखमुनि से बोली कि बेटा आप पृथ्वी पर जाओ और वहां के मनुष्यों का दुख दूर करो, लेकिन सुखदेव जी ने मनाकर दिया।
उन्होंने कहा कि मां मैं पृथ्वी पर नहीं जा सकता, अगर में पृथ्वी पर चला गया तो वहां मुझे विष्णु की माया घेर लेगी। बात नहीं मानी प्रभु को वहां आना पड़ा और उन्होंने कहा कि बेटा अब मेरी माया का तुम पर कोई असर नही पडे़गा।
आज मेरे प्रभु रूप में सुखदेव जी का जन्म हुआ। वह व्यास जी के पुत्र कहलाए। आयोजक श्रीश्री 108 महंत लक्ष्मनदास सहित समस्त मोहल्लावासी व्यवस्था में शामिल रहे।