इटावा। दशम और दशमोत्तर के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति जन्मतिथि के फेर में फंस गई है। शासन से इन छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की धनराशि खातों में पहुंचने के बाद बैंक स्तर पर छात्रवृत्ति के आहरण पर रोक लगा दी गई है। अब छात्रवृत्ति की धनराशि खातों में होने के बाद भी छात्र उसको निकाल नहीं सकेंगे। इसके लिए शासन के अगले आदेश का इंतजार करना पड़ा है। इस आदेश से जिले के लगभग 250 छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने संबंधित प्रधानाचार्यों से स्थिति स्पष्ट कर मामले का निस्तारण जल्द करने का आदेश दिया है।
जिला समाज कल्याण विभाग से कक्षा 9 से 12 तक के छात्र छात्राओं को क्रमश: दशम और दशमोत्तर कक्षा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस छात्रवृत्ति में 2200 और 2300 रुपये सालाना मिलता है। इसके लिए छात्र छात्राओं को ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
दशम में छात्र की उम्र 13 वर्ष से कम और दशमोत्तर में 20 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस बार भी सितंबर के महीने में ऑनलाइन आवेदन किए गए। इसके बाद अनुसूचित जाति और सामान्य जाति के छात्र-छात्राओं को पात्रता के आधार पर छात्रवृत्ति की धनराशि खातों में सीधे ट्रांसफर कर दी गईं।
खातों में धनराशि ट्रांसफर होने के बाद कंप्यूटर साफ्टवेयर ने 250 छात्रों को अपात्र घोषित कर दिया।
साफ्टवेयर के अनुसार इन छात्रों ने जो जन्मतिथि आवेदन में अंकित की है। उससे उनकी उम्र 13 वर्ष से कम हो रही है तो कुछ में 20 वर्ष से अधिक है। ऐसे 250 छात्र चिह्नित किए गए। जन्मतिथि के फेर में इन छात्रों की छात्रवृत्ति पर बैंक स्तर से स्टाप पेमेंट लगवा दिया गया।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के समय जन्मतिथि भरने में त्रुटि हो जाने के कारण ऐसा हुआ है। सभी प्रधानाचार्यों से जन्मतिथि का मिलान करके सही जन्मतिथि अंकित कराने के बाद ही छात्रवृत्ति आहरित कराने के निर्देश दिए हैं। यदि अंकित जन्मतिथि सही है तो ऐसे छात्र के खाते से धनराशि आहरित नहीं होगी।