संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जिले में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और बारिश ने जहां चिलचिलाती गर्मी से मामूली राहत दी, साथ ही लोगों के लिए आफत से भी कम साबित नहीं हुई। आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अलग-अलग क्षेत्रों में 70 से अधिक बिजली के खंभे टूटने और पेड़ों की टहनियां गिरने से करीब 300 गांवों की आपूर्ति प्रभावित रही। खेतों में कटी रखी गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। जिले में कुल दो एमएम बारिश दर्ज की गई।
सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई बारिश इतनी तेज थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड और शहर की मुख्य सड़कों पर जलभराव हो गया। हालांकि, इस दौरान अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पारा 38 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जो सामान्य से 4.5 डिग्री कम रहा। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में अभी लगभग आठ से 10 फीसदी गेहूं की फसल खेतों में है बारिश से इसमें नुकसान ज्यादा होगा। बारिश के बाद गेहूं काला पड़ेगा और तेज धूप निकलते ही बालियां टूटना शुरू हो जाएंगी।
सात घंटे तक अंधेरे में रहे डेढ़ सौ गांव: बकेवर और लखना कस्बे सहित ग्रामीण अंचलों में आंधी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। एसडीओ बकेवर संत कुमार वर्मा ने बताया कि उपखंड में करीब 50 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए हैं। बकेवर बिजली घर को आने वाली 33 केवीए लाइन में फॉल्ट होने से सुबह 8:30 बजे से शाम चार बजे तक आपूर्ति ठप रही। नगला हीरालाल, आमहार और शेरपुर जैसे गांवों में पेड़ गिरने से तार टूट गए। जेई आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, टीम पहले 33 केवीए लाइन को ठीक करने में जुटी रही ताकि बिजली घरों को चालू किया जा सके।
इनवर्टर दे गए जवाब, उमस ने किया बुरा हाल: इकदिल और मानिकपुर मोहन सब स्टेशन से जुड़े करीब 150 गांवों में बिजली संकट गहरा गया। भरथना 220 केवी सब स्टेशन से आने वाली मेन लाइन में ब्रेकडाउन के कारण सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक आपूर्ति बंद रही। उसम के बीच नौ घंटे तक बिजली न रहने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों का हाल बेहाल रहा। दुकानों और घरों में लगे इनवर्टर भी दोपहर होते-होते जवाब दे गए। शाम को सप्लाई बहाल होने पर ही लोगों ने राहत की सांस ली। एसडीओ प्रेमचंद ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण 33 केवीए लाइन में फॉल्ट आ गया, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई।