फोटो: 28 कक्षा की जर्जर छत के नीचे बैठकर पढ़ते बच्चे। संवाद
प्राथमिक विद्यालय कोला की छत जर्जर, बारिश में कक्षा में भर जाता है पानी
कई बार अचानक टूट कर गिर चुका है प्लास्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर। ब्लाॅक क्षेत्र के कोला प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई जर्जर छत के नीचे बैठकर हो रही है। बारिश होते ही स्कूल की छत से पानी टपकने लगता है। विद्यालय की दीवारों में मोटी मोटी दरारें हैं और छत से प्लास्टर टूटकर कभी भी कहीं भी गिर जाता है। ऐसी स्थिति में यहां पढ़ने वाले 36 बच्चों की पढ़ाई हमेशा खौफ के बीच होती है।
विद्यालय के तीन कक्ष लंबे समय से जर्जर हैं। कई स्थानों से छत का प्लास्टर उखड़ चुका है। बारिश के छत टपकने से बच्चों को फर्श पर बैठने तक की जगह नहीं मिलती है। कई बार तो तेज बारिश में स्कूल की छुट्टी भी कर दी जाती है। हालात यह हैं कि कक्षा में बैठे बच्चों का ध्यान किताबों के साथ जर्जर छत पर भी रहता है।
उन्हें डर रहता है कि कहीं प्लास्टर या छत का कोई हिस्सा उनके ऊपर न गिर जाए। बरसात में भवन की हालत और खराब होने से शिक्षक और अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रधानाध्यापक महावीर सिंह ने बताया कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद न तो भवन की मरम्मत हुई और न बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। ऐसे में समय रहते जिम्मेदार नहीं चेते तो बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों ने बताई परेशानी
फोटो: 29 संजू परिहार
अभिभावक संजू परिहार ने बताया कि बच्चे के स्कूल में होने पर उन्हें हमेशा ही जर्जर छत के प्लास्टर गिरने का डर बना रहता है। इसके बाद भी स्कूल की छत की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
फोटो: 30 शौम्या
विद्यालय की कक्षा पांच की छात्रा शौम्या ने बताया कि बारिश होने पर स्कूल की छत से पानी टपकने लगता है। कक्षा में पानी भर जाता है जिसके बाद स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है।
वर्जन
अभी हाल ही में चार्ज मिला है। सोमवार को विद्यालय का निरीक्षण करेंगे। भवन अधिक जर्जर पाया गया तो बच्चों को पास के किसी विद्यालय में शिफ्ट कराया जाएगा या वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।- वीरेंद्र सिंह, इंचार्ज बीईओ
वर्जन
मामले की जानकारी करेंगे और अगर स्कूल भवन जर्जर है और बच्चों को खतरा है तो उन्हें अन्य विद्यालय में शिफ्ट कराया जाएगा।-रोहित कुमार मौर्य, एसडीएम