कुपोषण के शिकार बच्चों की देखरेख का जिम्मा लेने वाले अधिकारियों को दायित्व निर्वहन के साथ-साथ क्षेत्र में सक्रिय होने को कहा गया। इस कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को विकास भवन के ऑडीटोरियम हॉल में किया गया था।
राज्य पोषण मिशन के तहत हुई इस कार्यशाला में सीडीओ डा. अशोक चंद्र ने बताया कि प्रथम चरण में 71 अधिकारियों को दो-दो ग्रामसभाएं दी गई हैं। ऐसे में वे सभी गांव से कुपोषण दूर करने के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
सीडीओ ने यह भी कहा कि अधिकारी मिशन की भावना के अनुरूप स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार लाएं। साथ ही लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता पैदा कर उनकी भ्रांतियों का निवारण करें।
उन्होंने कहा कि हर बुधवार और शनिवार को आयोजित होने वाले ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर सभी सेवाएं प्रदान की जाती हैं इसलिए गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कराते हुए उनकी समय से जांच और टीकाकरण कराएं।
इस अवसर पर डीडीओ अनिल कुमार ने कहा कि अधिकारियों को पोषण मिशन कार्यक्रम की समीक्षा करनी है। सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करना है ताकि कुपोषण को समाप्त किया जा सके। अधिकारी अपने क्षेत्र का भ्रमण करें।
निरीक्षण के समय वहां उपलब्ध विभिन्न उपकरणों की भी जांच कर लें कि वे सही ढंग से कार्य कर रहे है या नहीं। यह भी ध्यान रखें कि आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्री उनका उपयोग कर रही हैं या नहीं। सीएमओ डा. राजेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से मिशन को प्रभावी बनाना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने मिशन के क्रियान्वयन के लिए विभिन्न प्रपत्रों के उपयोग के विषय में जानकारी दी। इस दौरान एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह आदि अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।