इटावा। मार्च के दूसरे पखवाड़े में सामान्य से छह डिग्री अधिक चल रहे अधिकतम तापमान व तेज धूप के कारण गेहूं की फसल में पकाव प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इस समय जिले में 67 हजार हेक्टेयर में खड़ी गेहूं की फसल में बालियां बन चुकी हैं और उनमें दाना बनना शुरू हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की फसल में पकाव के समय 21 से 26 डिग्री तापमान अनुकूल माना जाता है लेकिन पिछले एक सप्ताह से सामान्य से अधिक चल रहे तापमान के कारण तेजी से खेतों की नमी सूख रही है।
कृषि विशेषज्ञों की ओर से खेतों में हल्की सिंचाई कर उचित नमी की मात्रा बनाए रखने की सलाह दी गई है। मार्च के दूसरे पखवाड़े में औसतन तापमान 25 से 30 डिग्री के आसपास रहता है जो गेहूं के अच्छे पकाव व बालियों के भराव के लिए उचित है। इस बार अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। फसल में पत्तियों तेजी से सूख रही हैं और बालियों का विकास भी प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
दिन के समय चलने वाली हल्की गर्म हवाओं के कारण भी खेतों से नमी तेजी से सूखने लगी है जिससे बालियां भी पीली पड़नी शुरू हो गई हैं। किसान बृजेंद्र सिंह, रामकिशन व रमेश यादव ने बताया कि मार्च के पहले पखवाड़े से ही तापमान में उछाल देखने को मिल रहा है। इस बार गर्मी की अधिकता के चलते बालियों में दाना पकने की प्रक्रिया की रफ्तार थम गई है।
30 डिग्री से अधिक तापमान हो तो किसान हल्की सिंचाई कर खेतों में उचित नमी की मात्रा रखें। दो किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट 13.0.45 का 150 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे कर सकते हैं। दिन के समय गहरी सिंचाई से फसल गिरने का भय बना रहेगा। संभव हो तो रात के समय ही सिंचाई करें या दिन में करनी है तो फिर हल्की सिंचाई कर नमी की मात्रा उचित बना सकते हैं।
डॉ. देवेंद्र कुमार, कृषि विशेषज्ञ