इटावा। खनन और एआरटीओ विभाग शिकायतों के निस्तारण में सबसे पिछड़े हुए हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कलक्ट्रेट में समीक्षा बैठक करके नाराजगी जाहिर की है।
बैठक में कृषि विभाग के नौ में से आठ, वन विभाग के आठ में से छह, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के नौ में से छह, खनन निरीक्षक के पांच में पांच, एआरटीओ के चार में चार, पंचायत विभाग के चार में तीन, सिंचाई विभाग के पांच में तीन, सीएमओ कार्यालय के दो में दो व बेसिक शिक्षा अधिकारी के तीन में दो प्रकरणों में असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ।
वहीं लोक निर्माण विभाग के पांच में एक और बिजली निगम के तीन में एक प्रकरण में असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ है। जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कई विभाग गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रार्थना पत्र का गंभीरता से अध्ययन कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पता चला कि जिला स्तरीय हेल्पलाइन की समीक्षा में पूर्ति विभाग का 187 में से 44 प्रकरणों में असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ। अधिकारियों को निस्तारण की गुणवत्ता सुधारने एवं शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ब्लॉक स्तरीय आईजीआरएस समीक्षा में ताखा विकास खंड के चार में चार, बढ़पुरा के नौ में दो और महेवा के तीन में दो प्रकरणों में असंतोषजनक फीडबैक मिला।