इटावा। इटावा-मैनपुरी रेलमार्ग पर राहतपुरा फाटक के पास बुधवार रात मालगाड़ी की चपेट में आए पॉलीटेक्निक छात्र-छात्रा के मामले में मालगाड़ी के लोको पायलट और गार्ड के बयान दर्ज कराए गए। जांच में पता चला कि छात्र-छात्रा को देखकर तीन बार हॉर्न बजाया गया था। इसके बावजूद दोनों ट्रैक से नहीं हटे। छात्र रेलवे ट्रैक के बीच में बैठा था, जबकि छात्रा ट्रैक के किनारे बैठी थी। हादसे के बाद छात्र रोहन (19) की मौत हो गई थी, जबकि छात्रा गंभीर रूप से घायल हुई थी।
सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में मालगाड़ी के लोको पायलट और गार्ड के बयान दर्ज किए गए हैं। राहतपुरा फाटक के पास मालगाड़ी करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। लोको पायलट ने तीन बार हॉर्न बजाया। पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों और दोनों के मोबाइल फोन को भी जांच में शामिल किया है। दोनों के मोबाइल पुलिस को मिल गए हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों के एक-दूसरे के मित्र होने की जानकारी सामने आई है।
छात्रा को होश आने पर सही जानकारी मिलेगी। मालगाड़ी की चपेट में आने से घायल छात्रा की हालत बृहस्पतिवार को भी गंभीर बनी रही। उसके सिर, पसली और रीढ़ की हड्डी में चोट आई है। वहीं, आयुर्विज्ञान विवि में डॉक्टरों ने सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड समेत कई जांच कराई हैं। छात्रा के साथ उसकी मां अस्पताल में मौजूद है और बेटी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है।
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बाजार जाने की बात कहकर निकली थी
कॉलेज प्रशासन के मुताबिक छात्रा बुधवार शाम हॉस्टल से बाजार जाने की बात कहकर निकली थी। वह करीब एक साल से पॉलीटेक्निक के छात्रावास में रहकर मैकेनिकल ट्रेड में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। परिवार और पुलिस को घटना की जानकारी रात में हुई। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्र-छात्रा रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे और वहां कितनी देर से मौजूद थे। जांच में यह बात भी सामने आई है कि छात्रा को दो-तीन बार पहले रेलवे ट्रैक के आसपास देखे जाने की जानकारी मिली है। घटनास्थल कॉलेज से करीब 400 मीटर की दूरी पर है। हालांकि छात्र-छात्रा वहां किस वजह से पहुंचे थे, इस संबंध में पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
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पहली बार में पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा पास की
सैफई। छात्रा की मां ने बताया कि बेटी पढ़ाई में काफी तेज थी। उसने पहली बार में ही पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा पास की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पिता बीमार रहते हैं, जबकि दोनों बेटे गुरुग्राम में कैंटीन में काम करते हैं। बेटी के पढ़-लिखकर आगे बढ़ने से परिवार को काफी उम्मीद थी। मां के अनुसार, बेटी सीधी-सादी थी और उसे किसी से कोई परेशानी नहीं थी। घटना कैसे हुई, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है।
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छात्र के शव का पैनल से पोस्टमार्टम
हादसे में मृत छात्र रोहन के शव का गुरुवार को दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। रोहन पुराना भरथना का रहने वाला था और पॉलीटेक्निक में मैकेनिकल ट्रेड के द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता सुनील श्रीवास्तव बकेवर बिजली घर में एसएसओ पद पर तैनात रहे हैं।