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Etawah News: दोनों सदनों में थी इटगांव बवाल की गूंज

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इटावा। थाना फ्रेंड्स कॉलोनी के संतोषपुर इटगांव में साल 2013 में हुए बवाल की गूंज दोनों सदनों में रही थी। इस घटना के बाद भाजपा व कांग्रेस ने विरोध कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष ने आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर आमरण अनशन किया था। शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश एमएस डोंगर ने साक्ष्यों के अभाव में इस मामले में सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट के इस निर्णय के बाद 13 साल पहले हुए बवाल की याद ताजा हो गई हैं।
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थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के संतोषपुर इटगांव में एक युवक गैर बिरादरी की लड़की को ले गया था। 13 मार्च 2013 को इस घटना के बाद तनाव फैल गया था। इस घटना से आक्रोशित होकर लड़की पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर पर हमला बोल दिया था। आरोप था कि बवाल के दौरान लड़की पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की महिलाओं के साथ अभद्रता कर उसे पूरे गांव में घुमाया था। साथ ही परिवार के लोगों के साथ मारपीट की थी। इस अमानवीय कृत्य के बाद पूरे जिले समेत प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई थी। भाजपा व कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सपा सरकार को घेरा था।
साथ ही कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष पल्लव दुबे ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कचहरी में आमरण अनशन किया था। इस मामले पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण कोर्ट ने सत्यम त्रिपाठी,राजकुमार त्रिपाठी,प्रदीप त्रिपाठी,बीना त्रिपाठी (प्राथमिकी दर्ज के दौरान मृत्यु), ममता त्रिपाठी मनोज मिश्रा,दुर्गेश मिश्रा,रजनीश दिवाकर,पवन दिवाकर को दोष मुक्त कर दिया। हालांकि अब कानूनी रूप से यह अध्याय बंद हो गया है लेकिन ग्रामीण आज भी उस खौफनाक दिन को याद कर सिहर उठते हैं।
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