मकर संक्रांति के बाद मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर से करवट ली। भोर से ही बारिश शुरू हो गई जो दिनभर जारी रही। दोपहर में कुछ देर के लिए अचानक तेज बारिश भी हुई। बेमौसम लगातार बारिश होने से आम जीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा।
लोग रोजमर्रा के कार्य भी नहीं कर सके। बारिश के चलते लोगों को अपनी दुकानों व दफ्तरों तक जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा वहीं दूसरी ओर कई स्कूली बच्चे भी भीगते हुए स्कूल पहुंचे। जनपद का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस पर अटका रहा और 05 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवा चलती रही।
सर्दी- गलन और बारिश से इंसान ही नहीं जानवर भी बेहाल दिखाई दिए और जलते अलाव के पास पहुंचकर सर्दी से बचने के प्रयास में दिखाई दिए।
अचानक हुए मौसम के बदलाव से जनपद का पारा लगातार गिरता जा रहा है। जहां 10 दिन पूर्व जिले का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस था वहीं अब चार दिन के अंदर ही तापमान सात पर पहुंच गया है। सुबह से ही टिप टिप बारिश शुरू होने से सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। स्कूल कालेजों में छात्र छात्राओं की उपस्थिति कम रही।
तो वहीं सरकारी दफ्तरों का भी काम काज कछुआ चाल से चला। व्यापारियों ने अपनी दुकानें भी देरी से खोलीं और इसके बाद भी बाजार में ग्राहक नहीं पहुंचे।
सर्दी और बारिश के बीच भी स्कूलों की छुट्टी न होने के कारण नौनिहाल भी परेशान रहे और बारिश की टिप टिप के बीच सुबह बस्ता लेकर रिक्शे, साइकिल और कई पैदल ही भीगते हुए पहुंचे।
स्कूली बच्चों को छुट्टी के समय भी राहत नहीं मिली जब दोपहर में छुट्टी हुई तो उस समय बारिश की झड़ी लगी हुई थी जिससे बच्चों को घर वापसी के समय भी भीगते हुए ही घर वापस आना पड़ा
मौसम के पलटवार से आम इंसान ही नहीं जानवर भी बेहाल दिखाई दिए। भोर से ही बारिश शुरू होने से शहर की सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवर इधर-उधर बारिश से बचने के लिए छत तलाशते रहे।
नगर पालिका के द्वारा चौराहों पर लगाए गए अलावों क ा सहारा जानवरों ने भी लिया और सर्दी से बचने के लिए वह अलाव के इर्द गिर्द मड़राते देखे गए।
इटावा रेलवे स्टेशन पर दिनभर उछलकूद करने वाले बंदरों की टोलियां भी मंगलवार को नजर नहीं आईं और सर्दी से बचने के लिए स्टेशन की छत के नीचे झुण्ड बनाकर दुबके बैठे रहे।