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लक्ष्य दो हजार का, आवेदन सिर्फ 237

Sat, 08 Aug 2015 10:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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यदि कोई इंटरमीडिएट पास युवा है तो सरकार उसे रोजगारपरक ट्रेडों में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। शर्त सिर्फ इतनी है कि वह गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करता हो या फिर बीपीएल या अंत्योदय कार्ड धारक हो।
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सरकार ने शहर में ऐसे दो हजार लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अधिकारियों की बेरुखी ने इस योजना को भी पलीता लगा रखा है। मुफ्त प्रशिक्षण के लिए भी लाभार्थी नहीं मिल रहे।

डूडा में महज 237 आवेदन प्राप्त हुए है। इनमें भी 91 साक्षात्कार में गैर हाजिर रहे। बाकी बचे 146 का चयन कर लिया गया। लाभार्थियों की संख्या इतनी कम रही कि चयन के दौरान छंटनी का विकल्प भी आजमाया नहीं जा सका।
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मुख्यमंत्री के जिले में यह हालत भारत सरकार की राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के उपघटक कौशल प्रशिक्षण एवं सेवायोजन की है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए इस योजना के तहत नगरपालिका परिषद इटावा की सीमा में दो हजार लोगों को शोरूम रिटेल, फास्ट फूड रिटेल, कैशियर रिटेल, कॉल सेंटर, एक्जीक्यूटिव, डाटा इंट्री ऑपरेटर, सेविंग मशीन ऑपरेटर, सेल्समैन, कंप्यूटर डाटा फीडिंग, डाटा प्रोसेसिंग, डिजाइनिंग हार्डवेयर आदि में निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाना निर्धारित है। 

बीते पांच महीनों में डूडा के पास इसके लिए सिर्फ 237 आवेदन ही प्राप्त हुए। दरअसल इस योजना का जिस तरह व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए था, वैसा हुआ नहीं। अधिकारियों के रुचि न लेने का नतीजा यह रहा कि साक्षात्कार में चयन कमेटी ने जितने आवेदक आए, सभी का चयन कर लिया।

यह स्थिति तब है जब शासन ने साफ तौर पर निर्देश दिए है कि इस योजना का डूडा समाचार पत्रों, पोस्टर, वॉल पेंटिंग आदि माध्यमों से प्रचार-प्रसार करे लेकिन इसके उलट जिले में मुफ्त प्रशिक्षण की यह योजना अधिकारियों की बेरुखी के चलते फलीभूत नहीं हो पाई है।

इस संबंध में डूडा में पीओ मिथलेश अवस्थी ने बताया कि प्रचार प्रसार के हरसंभव प्रयास के बाद भी लोगों ने अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं किए। वार्षिक लक्ष्य दो हजार लोगों का है। इसे वित्तीय वर्ष में पूरा किया जाएगा।

प्रशिक्षण के लिए बने हैं छह सेंटर
रोजगारपरक प्रशिक्षण देने का जिम्मा युवा ज्योति प्रशिक्षण केंद्र के पास है। इसके शहर में कुल छह सेंटर हैं। प्रत्येक चयनित लाभार्थी को तीन महीने का प्रशिक्षण दिया जाना है। हर रोज तीन घंटे प्रशिक्षण दिया जाएगा।

आवेदन गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने के साथ साथ इंटरमीडिएट परीक्षा पास होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आवेदन पत्र डूडा कार्यालय से निशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं और भरे हुए आवेदन पत्र वहीं जमा हो रहे हैं।
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