इटावा। शासन ने स्कूली बसों की फीस (शुल्क) की दरें तय कर दीं हैं। 10 किलोमीटर तक के लिए प्रति छात्र -छात्रा 1826 महीने से अधिक नहीं लिया जा सकेगा। इससे अधिक फीस लेने की शिकायत पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नए नियम में प्रति किलोमीटर से जुड़ा कोई नियम नहीं है।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राजू राणा ने बताया कि वर्ष 2021-22 में 42 सीट की बसों को अनुमति थी। अब बसों में 47 सीटें को मंजूरी दे दी गई है। पहले 10 किमी तक की प्रति बच्चा फीस 1648 रुपये मासिक तय थी। इसी आधार पर वर्ष 2022-23 के लिए 178 रुपये बढ़ाकर फीस 1826 कर दी गई है। अगर बस 10 किलोमीटर से अधिक दूरी से छात्र-छात्रा को लेने जाती है तो तय दर से 25 प्रतिशत अधिक फीस ली जा सकेगी। इसके अलावा एसी बसों में तय दर से 25 फीसदी अधिक फीस ली जा सकती है।
डीआईओएस ने बताया कि बस संचालक अधिक फीस न ले सकें, इस पर सीबीएसई, वित्तविहीन, मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को नजर रखनी होगी। अधिक फीस वसूल होने पर प्रबंधक और प्रधानाचार्य भी जिम्मेदार माने जाएंगे।
वाहन चालकों को कराना होगा चरित्र सत्यापन
इटावा। विद्यालय वाहनों एवं अनुबंधित वाहनों के चालकों के लाइसेंस व चरित्र का सत्यापन करना होगा। एडीएम जय प्रकाश ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय यान, सुरक्षा, सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चालक हेलमेट, चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का अवश्य प्रयोग करें। वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग कदापि न करें। छात्रों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता उत्पन्न कर सड़क सुरक्षा अभियान को प्रोत्साहित करें। डीआईओएस, एआरटीओ बृजेश कुमार, बीएसए उमानाथ, संत विवेकानंद प्रधानाचार्य डॉ. आनंद, डॉ कैलाश यादव उपस्थित रहे। (संवाद)