ससुराल में हंगामे की शिकायत पर पकड़े गए युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई तो पुलिस ने आनन-फानन उसकी पत्नी से तहरीर ली और उसी आधार पर उसके मायकेवालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया। मामला एसएसपी तक पहुंचा तो उन्होंने घटना से जुड़े तीन सिपाहियों को तुरंत निलंबित कर एएसपी को जांच सौंप दी। युवक के शरीर पर चोटों के निशान थे। एसएसपी का कहना है कि जांच में पता चल जाएगा कि युवक को पुलिस ने पीटा या ससुरालवालों ने। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
उधर युवक के ताऊ का कहना है कि पुलिस ने उसकी बहू से तहरीर पर जबरन हस्ताक्षर कराए हैं। घटना शहर के मोहल्ला कटरा फतेह महमूद खां की है। औरैया जिले के बाबरपुर कस्बे के नवीन नगर निवासी प्रमोद कुमार (35) पुत्र वेदप्रकाश की इसी मोहल्ले में ससुराल है। यहां के छोटेलाल की बेटी माला देवी से उसकी शादी हुई थी। बुधवार दोपहर वह ससुराल आया था। ससुरालवालों के मुताबिक प्रमोद शराब पीकर हंगामा करने लगा।
सलहज रूबी पत्नी मुके श ने 100 नंबर पर सूचना दी। ब्रो मोबाइल पुलिस के दो सिपाही मौके पर पहुंचे और उसे कोतवाली ले गए। शाम करीब 7:30 बजे अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। पुलिस उसे जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अपने बचाव में मालादेवी को बुलवाकर तहरीर ली और उसकी बहन हिना, भाई मुकेश, भाभी रूबी, पिता छोटेलाल व मां शकुंतला देवी के खिलाफ प्रमोद को जहर देकर मारने की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
जब मायके वालों को प्रमोद की मौत तथा उनके खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी मिली तो वह कांग्रेसी नेता हंसमुखी शंखवार व मोहल्ले के अन्य लोगों के साथ एसएसपी से मिले। उनका कहना था कि प्रमोद की मौत पुलिस हिरासत में हुई है। उनके खिलाफ दर्ज मामला निराधार है। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद प्रमोद के भाई विनोद कुमार ने बताया कि प्रमोद के शरीर पर चोटों के निशान हैं। मारपीट पुलिस ने की या ससुरालवालों ने, इसकी जानकारी नहीं है।
एसएसपी मंजिल सैनी ने मामले की जांच एएसपी को सौंपी है। साथ ही लापरवाही के आरोप में ब्रो मोबाइल के दो सिपाहियों व इटावा कोतवाली के मुंशी को निलंबित कर दिया है। एसएसपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। औरैया प्रतिनिधि के मुताबिक बाबरपुर में प्रमोद के ताऊ रामप्रकाश ने बताया कि घटना के वक्त माला अपनी ससुराल में थी।
पुलिस ने आनन-फानन उसे यहीं से बुलवाया। माला देवी ज्यादा पढ़ीलिखी नहीं है। पुलिस ने किसी दूसरे से अपने मनमुताबिक तहरीर लिखाकर उस पर माला के हस्ताक्षर करा लिए। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त प्रमोद ने थोड़ी शराब पी रखी थी। सलहज से हंसी मजाक के दौरान बात बढ़ गई और उन लोगों ने पुलिस बुला ली।