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दिन तो तप रहा, रातें भीहुईं गर्म

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ोपहर में स्टेशन रोड पर पड़ा सन्नाटा। संवाद - फोटो : ETAWAH
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इटावा। तापमान बढ़ने के कारण जिला ऑरेंज अलर्ट में पहुंचता जा रहा है। दिन में लू और रात में भी गर्मी होने से लोगों को बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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तीन दिनों से अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस है, लेकिन लू के थपेड़ों की वजह से एहसास 46 डिग्री सेल्सियस का हो रहा है। न्यूनतम तापमान भी मंगलवार तीन डिग्री बढ़कर 32 पहुंच गया है। पिछले वर्ष सात जून को तापमान अधिकतम तापमान 41 और न्यूनतम 29 डिग्री था। हीटवेब की वजह से लोग उल्टी, दस्त और बुखार जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के डॉ. अजय शर्मा का कहना है कि ऑरेंज अलर्ट में हीट स्ट्रोक के ममाले बढ़ जाते हैं। ऐसे में सभी को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
क्या है ऑरेंज अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसमों को चार अलर्ट बांटा गया है। हरे का मतलब मौसम सामान्य होता है। पीले यानी येलो का मतलब निगरानी होता है। ऑरेंज का मतलब सतर्कता और लाल अलर्ट का मतलब चेतावनी होता है। 45 से 48 डिग्री अधिकतम तापमान और 30 डिग्री से अधिक न्यूनतम तापमान पहुंचने पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है।
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पेड़ों की पत्तियां जलने लगती हैं
जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.विजय बहादुर जायसवाल ने बताया कि ऑरेंज अलर्ट में पशुओं और मनुष्यों में हीट स्ट्रोक बढ़ जाता है। पानी की आवश्यकता ज्यादा पड़ती है। पेड़-पौधों की पत्तियां भी जलने लगती हैं। कमजोर पत्तियां झुलस कर नष्ट हो जाती हैं।
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यह सतर्कता बरतें
- पांच से सात लीटर तक पानी पीएं।
- दिन में दो से तीन बार शिकंजी, ओरएस और इलेक्ट्रॉल भी लें।
- सुबह का खाना शाम को भी खाने से बचें।
- पेय पदार्थों का सेवन अधिक करें। भर पेट खाना खाने से बचें।
जिला अस्पताल की ओपीडी
तारीख मरीज
4 जून 889
6 जून 1170
7 जून 1050
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