इटावा। साइबर ठगों ने सीमेंट कारोबारी विजय नगर निवासी वीरेंद्र सिंह कुशवाह को डिजिटल अरेस्ट करने के दौरान फोन पर धमकाने के साथ ही उसकी दुकान के आसपास निगरानी होने का डर भी दिखाया। पीड़ित के बेटे अधिवक्ता आयुष कुमार ने बताया कि ठगों ने पिता से कहा था कि उनके दो लोग दो किलोमीटर के दायरे में मौजूद रहेंगे। इसके बाद दुकान के पास का वीडियो बनाकर उनके मोबाइल पर भेज दिया। वीडियो देखकर पिता अधिक घबरा गए। इसी डर की वजह से 21 लाख रुपये साइबर ठगों के बताए गए खातों में डाल दिए।
आयुष ने बताया कि वीडियो भेजने के बाद ठगों ने कहा कि उनके लोग आसपास मौजूद हैं इसलिए कोई होशियारी न करें। लगातार फोन और वीडियो कॉल पर धमकियों से पिता काफी परेशान हो गए थे। काफी मुश्किल से उन्होंने 18 सितंबर को परिवार को पूरी बात बताई। इसके बाद दो दिन तक उन्हें समझाया गया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसके बाद वह पिता को लेकर एसएसपी और साइबर थाने पहुंचे और शिकायत की। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को फोन पर पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी अधिकारी बनकर धमकी देने पर घबराएं नहीं। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिये किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच के नाम पर निजी बैंक खाते में रुपये जमा कराने को कहती है। ऐसे मामलों में तुरंत कॉल काटकर नजदीकी पुलिस थाने या साइबर थाने में सूचना दें।