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हादसे का शिकार होते बची ‘एसी स्पेशल’ ट्रेन

Thu, 18 Jun 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगुन रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली जा रही एसी स्पेशल ट्रेन गुरुवार की सुबह सरायभूपत रेलवे स्टेशन के पास दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची।
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एक्सप्रेस ट्रेन के आगे चल रही मालगाड़ी का ब्रेक ब्लाक एसेंबली टूटकर पटरी में फंस गया था। इसी से ट्रेन का इंजन और एक बोगी गुजर गई। ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लेकर ट्रेन को कंट्रोल में किया। इस घटना से हावड़ा-दिल्ली रेल मार्ग (अप लाइन) पर दो घंटे तक ट्रेन यातायात बाधित रहा। पीछे चल रही सभी ट्रेनों को जहां का तहां रोक दिया गया।

बाद में पटरी को दुरुस्त करके ट्रेनों को गुजारा गया। सहायक मंडल अभियंता रेलवे ए हसन ने बताया कि नाहरलगुन से नई दिल्ली जा रही 22411 अप एसी स्पेशल ट्रेन के आगे चल रही मालगाड़ी (बुल टंकी ट्रेन) को सरायभूपत रेलवे स्टेशन के पास अप की मेनलाइन से लूप लाइन पर लिया गया।
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इसी बीच मालगाड़ी का ब्रेक ब्लाक एसेंबली (रॉड) रेलवे पटरी पर क्रॉसओवर में फंस गई। तभी पीछे से आ रही नॉन स्टॉप तेज रफ्तार एसी एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन व एक बोगी पटरी में फंसी रॉड से गुजर गया तो ड्राइवर ने झटके महसूस किए। इस पर उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया।

रॉड का एक हिस्सा एसी एक्सप्रेस के इंजन में फंसकर दूर तक रगड़ता चला गया। ड्राइवर ने ट्रेन को रोकने के बाद आनन-फानन में अफसरों को घटना की जानकारी दी।

इस पर इटावा से एईएन ए हसन, पीडब्ल्यूआई एसएन यादव, टीआई नंदलाल, एसआई अमित चौधरी व आरपीएफ स्टॉफ मौके पर पहुंचा। वहीं टूडला रेलवे स्टेशन से डीटीएम भी अपनी टीम के साथ पहुंचे। अफसरों ने टेक्नीकल टीम की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेन व क्रॉसओवर में फंसी रॉड को निकाला।

इसके बाद सरायभूपत रेलवे स्टेशन के पास खड़ी एसी स्पेशल ट्रेन को डेढ़ घंटे बाद सुबह 10 बजे आगे के लिए रवाना किया गया। इस पूरे घटनाक्रम से सुबह साढ़े आठ बजे से साढ़े दस बजे तक यातायात पूरी तरह से बाधित रहा।

इस कारण इटावा स्टेशन पर अप लिच्छवी एक्सप्रेस दो घंटे खड़ी रही जबकि सरायभूपत और इटावा स्टेशन के बीच मरुधर एक्सप्रेस रोकी गई। इटावा व इकदिल रेलवे स्टेशन के बीच पीछे चल रही दो मालगाड़ी के साथ मंडुआडी एक्सप्रेस व जियारत एक्सप्रेस भी खड़ी रही। कुल मिलाकर ट्रैक बाधित होने से ट्रेनों को जहां-तहां रोक दिया गया। 

शुरू हुई उच्चस्तरीय जांच
हादसे की खबर से इटावा के साथ ही इलाहाबाद मंडल में बैठे आला अफसरों में हड़कंप मच गया। इलाहाबाद मंडल से एक अफसरों की एक टीम को इटावा भेजा गया है। जांच रिपोर्ट में जो दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई होगी।

सीपीआरओ इलाहाबाद मंडल विजय कुमार ने बताया कि सीनियर डीओएम, संरक्षा परिचालक के साथ ही आला अफसरों की टीम इटावा के लिए रवाना हो गई है। टीम पूरे मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह तो खैर रही, नहीं तो पलट सकती थी ट्रेन
इटावा। यह तो कुदरत की खैर और ट्रेन में सवार मुसाफिरों की किस्मत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। नहीं तो ट्रेन के पलटने में कोई कोर कसर नहीं रह गई थी। दरअसल ज्वाइंट में लोहे की रॉड फंसी थी। ऐसी स्थिति में ट्रेन को पलटने में पल भर नहीं लगता।

नाहरलगुन रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली जा रही 22411 अप एसी स्पेशल ट्रेन शताब्दी जैसी ट्रेन है। इसकी हर एक बोगी वातानुकूलित है। गुरुवार को कानपुर सेंट्रल से रवाना होने के बाद ट्रेन को सीधे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रुकना था। कानपुर और दिल्ली के बीच इस ट्रेन का कोई स्टॉप नहीं था।

इटावा रेलवे स्टेशन से गुरुवार सुबह 8:20 बजे ट्रेन को सकुशल पास किया गया। इसके आगे बुल टंकी ट्रेन (मालगाड़ी) चल रही थी। इस कारण इटावा रेलवे स्टेशन के पास सिग्नल न होने के कारण ट्रेन की रफ्तार कम थी।

एसी स्पेशल को पास करने के लिए ही कंट्रोलर ने आगे चल रही मालगाड़ी को सरायभूपत रेलवे स्टेशन की लूप लाइन पर रोका था।खुलकर तो रेलवे अफसरों ने कुछ नहीं कहा, लेकिन वह भी मान रहे थे कि यह कुदरत की करिश्मा ही रहा जो कोई हादसा नहीं हुआ।

नहीं तो पटरी के ज्वाइंट में भारी भरकम लोहे की रॉड फंसी हो और उसके ऊपर से गुजर रही ट्रेन पटरी से नहीं उतरे ऐसा कम ही संभव होता है। रेलवे अफसर भी मान रहे थे कि ट्रेन अगर अपनी पूरी रफ्तार में होती तो दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी। इस हादसे की खबर के बाद ट्रेन में बैठे मुखाफिरों ने अपने आप को सुरक्षित पाकर राहत की सांस ली।

दूर तक रगड़ी एसेंबली
ब्रेक ब्लाक एसेंबली लोहे की एक रॉड होती है जो बोगी के ब्रेक में कसी होती है। मालगाड़ी की यह रॉड पहले से ही ढीली होगी। तभी तो इटावा रेलवे स्टेशन से निकलते ही यह टूट गई। इसके बाद यह काफी दूर तक रगड़ी। सरायभूपत रेलवे स्टेशन से पहले ब्रेक ब्लाक एसेंबली के रगड़ने के निशान स्लीपर पर साफ नजर आए।

अफसरों की रही लापरवाही
घटना के लिए मालगाड़ी के चालक और गार्ड के साथ इटावा रेलवे स्टेशन के आला अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं क्योंकि एसी स्पेशल एक्सप्रेस के आगे चल रही बुल टंकी ट्रेन (मालगाड़ी) का ब्रेक इटावा स्टेशन के पहले से ही जाम हो रहा था। इस कारण मालगाड़ी को ब्रेक जाम होने पर इटावा रेलवे स्टेशन पर सुबह 7:44 बजे रोका गया था।

इसके बाद मालगाड़ी के गार्ड और चालक ने ब्रेक चेक किए। स्थानीय कर्मचारियों ने ब्रेक की शुरुआती मरम्मत की। इसके बाद इटावा स्टेशन से संबंधित आला अफसरों ने मालगाड़ी को 8:10 बजे आगे के लिए रवाना कर दिया।
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अगर मालगाड़ी को इटावा स्टेशन पर ड्राइवर, गार्ड के साथ स्थानीय स्टेशन के आला अधिकारी गंभीरता से चेक करते तो शायद यह घटना रोकी जा सकती थी।

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