जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वरोजगार योजना स्थापित करने के लिए 66 आवेदन आ चुके हैं लेकिन चयन अभी तक किसी लाभार्थी का नहीं हुआ है।
आवेदक विभाग के चक्कर काट रहे हैं पर यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही। लाभार्थियों के चयन के लिए टास्क फोर्स की बैठक भी अब तक नहीं हुई है।
गौरतलब है कि गरीबों के लिए भारत सरकार ने बैंक से लोन देने की योजना लागू की हुई है ताकि लोग अपने परिवार के भरण पोषण के लिए अपना रोजगार स्थापित कर सकें। डूडा के माध्यम से इस योजना को क्रियान्वित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन नाम की इस योजना के माध्यम से लाभार्थी जनरल स्टोर, सिलाई, कंप्यूटर, पानी की दुकान, मोची आदि छोटे धंधों के लिए 50 हजार से दो लाख रुपये तक बैंक लोन ले सकता है। लाभार्थियों के चयन के लिए टास्क फोर्स समिति की बैठक होती है। इसमें आवेदकों को बुलाकर उनका इंटरव्यू लिया जाता है।
जिले में इसके लिए 198 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष का एक तिमाही समय गुजर जाने के बावजूद यहां चयन प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। पिछले वित्तीय वर्ष में भी योजना का क्रियान्वयन लेटलतीफ रहा था। लक्ष्य के सापेक्ष महज एक सैकड़ा के करीब लाभार्थियों के लोन आवेदन मंजूर हुए थे।
इनमें से कइयों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक लोन की रकम मुहैया नहीं हो पाई थी। मौजूदा समय में अभी तक डूडा में 66 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। ये रोजाना दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं।
डूडा, पीओ मिथलेश अवस्थी कहते हैं कि टास्क फोर्स समिति की बैठक की तिथि निर्धारण करने के प्रयास हो रहे हैं। जल्द ही बैठक की तारीख निश्चित कर ली जाएगी। लाभार्थियों का चयन कर उनके आवेदन संबंधित बैंकों को भेज दिए जाएंगे।
आवेदन के लिए यह जरूरी
जिसे इस योजना के तहत बैंक से लोन चाहिए है। उनके लिए आवेदन पत्र के साथ राशनकार्ड, वोटर आईडी और आय प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है। आय प्रमाण पत्र सिर्फ बीपीएल से इतर आवेदकों के लिए जरूरी है और यह 24 हजार रुपये वार्षिक से अधिक नहीं होना चाहिए।
टास्क फोर्स का गठन हुआ
जिस टास्क फोर्स समिति को लाभार्थियों का चयन करना है। उसका गठन हो चुका है। जिसमें अग्रणी बैंक प्रबंधक, सिटी प्रोजेक्ट आफीसर, जिला उद्योग के महाप्रबंधक, पीओ डूडा के अलावा सेंट्रल बैंक नौरंगाबाद, पीएनबी साबितगंज और बैंक ऑफ बड़ौदा कचहरी रोड के मैनेजर शामिल हैं।