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बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य ने कीड़े दिखने पर राशन को फिंकवाया

Fri, 24 Apr 2015 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य मनीषा त्रिवेदी ने शुक्रवार को जिले के दौरे के दौरान कई सरकारी संस्थाओं में किशोर और किशोरियों की हालत का जायजा लिया। राजकीय विशेष किशोर गृह  के स्टोर में रखे गेहूं-चावल में कीड़े रेंगते दिखने पर उन्होंने केंद्र अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई और अपने सामने राशन  फिंकवा दिया।
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वहीं प्यारमपुरा आंगनबाड़ी केंद्र पर मुख्य सेविका के न आने की शिकायत  पर उन्होंने उसके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के बाद पीडब्ल्यूडी डाक बंगला में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया  प्यारमपुरा विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता जीरो मिली। यहां बच्चे कार्यालय में लगी तस्वीरों में राष्ट्रपित महात्मा गांधी और पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पहचान नहीं पाए। इस पर अध्यापिका निर्मला सोनी को पठन पाठन में सुधार करने की चेतावनी दी गई है।

इसी विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण में पंजीरी का स्टॉक भी सही नहीं पाया गया। इस पर मुख्य सेविका सुमनलता के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए  हैं। हालांकि बाहुरी के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में व्यवस्था संतोषजनक मिली।  श्रीमती त्रिवेदी ने बताया  उदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाएं लचर मिलीं।
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यहां न तो डाक्टर मिले और न  मरीज। जननी सुरक्षा योजना के चेकों में गड़बड़ी दिखाई दी। केवल चंद महिलाओं को ही चेक दिए गए। उन्होंने पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रजनीश पांडेय को वेरीफिकेशन कर रिपोर्ट डीएम और  सीडीओ को देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया  राजकीय विशेष किशोर गृह  में रखे राशन में कीड़े मिले।

इस पर उन्होंने केंद्र अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई और राशन का फिकवा दिया। साथ ही चेतावनी दी दोबारा राशन में कोई गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई होगी। इसकी नियमित जांच के निर्देश प्रोबेशन अधिकारी को दिए हैं। केंद्र में मौजूद किशोरों नेे डिश कनेक्शन की सुविधा दिए जाने की मांग की। इस पर उन्होंने अधीक्षक को डिश कनेक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य ने बताया महिला शरणालय में व्यवस्थाएं  ठीक ठाक मिलीं लेकिन यहां कुछ किशोरियों ने घर जाने की इच्छा व्यक्त की। इस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वह कोर्ट में इस आशय का प्रार्थना पत्र दें। इस समय महिला शरणालय में 32 संवासिनी हैं। इनमें 25 के मामले अंडर ट्रायल हैं। बातचीत के दौरान पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रजनीश पांडेय भी मौजूद रहे।
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