गोद लिए जसवंतनगर के कैस्त गांव के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को डीएम नितिन बंसल बसरेहर ब्लाक के चितभवन गांव पहुंचे। इस दौरान फरियादियों ने उनसे शिकायतों की झड़ी लगा दी।
उनकी समस्याओं के निराकरण के आश्वासन के साथ उन्होंने गांव में स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का जायजा भी लिया। साथ ही उन्होंने गांववालों से वादा भी किया कि अब वह हर महीने यहां आते रहेंगे।
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वह चितभवन गांव पहुंचे। न्याय पंचायत संसाधन केंद्र के सभागार में स्वास्थ्य विभाग के काउंटर पर जाकर उन्होंने बच्चों के वजन का जायजा लेने के साथ उनके टीकाकरण के कार्ड देखे। एएनएम से पूछा कि कौन-कौन से टीके लगाए जा चुके हैं। सभागार में काफी संख्या में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।
डीएम उन्हें पोषण मिशन के मकसद से अवगत कराया। कहा कि जब भी खुली बैठक होती है, तो गांव के लोग कहते हैं कि जो पंजीरी आती है, वह बच्चों के नहीं बल्कि गाय-भैंस के उपयोग में आती है। डीएम ने समझाया कि आंगनबाड़ी केंद्र का मकसद सिर्फ पंजीरी वितरण नहीं है।
यहां शुरुआती शिक्षा कैसे हो, बच्चे पोषित कैसे हों। उनका रखरखाव कैसे किया जाए। बीमारियों से कैसे बचाएं। इन सभी की जानकारी आपको अपनी एएनएम से करनी चाहिए। डीएम ने घर में होने वाले प्रसव की खामियां और संस्थागत प्रसव से मिलने सहूलियतों के बारे में भी बताया।
कहा कि अस्पताल में कम से कम 48 घंटे जच्चा-बच्चा डाक्टरों की निगरानी में रहेंगी। जो 1400 रुपये मिलेंगे, उनसे पोषण से जुड़ी अन्य जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। डीएम ने यह भी समझाया कि एएनएम से सवाल पूछिये कि हमें क्या करना चाहिए? कैसे हमारा बच्चा तंदुरुस्त रहे। नियमित रूप से खून की जांच, टिटनेस के दो टीके अवश्य लगवाएं।
ब्लड प्रेशर चेक कराएं। बच्चे का वजन नोट करके ले जाएं और पूछें कि अभी कितना वजन और बढ़ना चाहिए। इसके लिए क्या करें? इस दौरान सीएमओ डा. राजेश कुमार, एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह, डीपीओ अजीत कुमार सिंह, ग्राम प्रधान जितेंद्र कठेरिया, बीडीओ बसरेहर ब्रजमोहन यादव, खंडशिक्षाधिकारी अविनाश राय आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।
साब! न सर्वे हुआ न मुआवजा मिला
डीएम जब सभागार से बाहर निकले तो गांव के लोगों ने समस्याएं बताईं। कुछ किसानों ने कहा कि फसल बर्बाद हो गई है, लेकिन न सर्वे हुआ और न ही मुआवजा मिला। किसानाें ने नागर मजरे का उल्लेख किया। इस पर डीएम बोले, इसे दिखवाएंगे। वैसे लिस्ट तैयार हो चुकी है। पैसे की मांग की गई है। धनराशि मिलने पर मुआवजा दिया जाएगा।
कई ने कहा दो महीने से राशन नहीं मिल रहा। कुछ ने बीपीएल सूची में नाम दर्ज होने के बाद भी राशन न मिलने की शिकायत की। डीएम ने एसडीएम सदर से इसे देखने को कहा। कुछ ने समाजवादी पेंशन का लाभ न मिलने का दुखड़ा रोया। इस पर डीएम बोले कि इस साल का जो लक्ष्य आएगा। उससे पात्र लोगों को समाजवादी पेंशन मुहैया करा दी जाएगी।
सिर्फ एक बच्चा बचा अति कुपोषित
इस गोद लिए गांव में कुल 6 बच्चे अति कुपोषण के शिकार थे। डीएम ने बताया कि इस अभियान के दौरान जो प्रयास हुए हैं। उसका परिणाम है कि 5 बच्चे सामान्य श्रेणी में शामिल हुए हैं। शून्य से 5 वर्ष आयु के इन बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से पोषित दवाएं उपलब्ध कराई गई।
उनके खानपान एवं साफ सफाई को लेकर अभिभावकों को समझाया गया। शेष बच्चे एक बच्चे को भी सामान्य श्रेणी में लाने के प्रयास हो रहे हैं। यदि जरूरत पड़ेगी तो अति कुपोषित बच्चों का बड़े अस्पतालों में इलाज करवाया जाएगा।
30 बच्चों का कुपोषण पूरा करने का दावा
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने दावा किया कि जिले में जब राज्य पोषण मिशन की शुरुआत हुई थी। तब कुल 444 अति कुपोषित बच्चे चिह्नित हुए थे। अब बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से यह संख्या घट कर 414 रह गई है।
स्वच्छता को लेकर सम्मान
स्वच्छ भारत अभियान के तहत चलाए गए कार्यक्रम में हरेक न्याय पंचायत से तीन विद्यालयों को चयनित किया गया जिसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय चितभवन के प्रधानाध्यापक केके यादव को प्रथम व प्राथमिक विद्यालय चितभवन के प्रधानाध्यापक सुधाकर बाबू दीक्षित को द्वितीय पुरस्कार डीएम ने प्रदान किया।
इसके अलावा छात्रों में कक्षा 8 के विकास को प्रथम, कक्षा 7 के रोहित को द्वितीय और कक्षा 5 के प्रशांत को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया।