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्रसाद चढ़ा न फूल, भक्तों ने दूर से किए दर्शन

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फोटो संख्या 14 पक्का तालाब स्थित शिव मंदिर में आरती करते भक्त - फोटो : ETAWHA
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लॉकडाउन के 75 दिन बाद भी सोमवार को मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों के दरवाजे खुले तो पूजा और इबादत के लिए लोग पहुंचे।
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कोविड-19 से बचाव की शर्तों पर खुले धार्मिक स्थलों पर लोग न तो फूल माला न ही प्रसाद चढ़ा पाए। मूर्ति स्पर्श और घंटा बजाने पर प्रतिबंध की वजह से श्रद्धालुओं ने दूर से ही दर्शन किए।
हर धार्मिक स्थल पर आने वालों के लिए सैनिटाइजर, हाथ धोने के लिए साबुन का इंतजाम किया गया था। पहले दिन सुबह लोग कम संख्या में आए। सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कम करते हुए प्रार्थना और इबादत की।
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पक्का तालाब स्थित श्री साईं नाथ धाम के प्रबंधक संतोष पटेल ने बताया कि मंदिर का पट सुबह 5 बजे खोल दिया था। एक मीटर की दूरी पर लोगों के खड़े होने के लिए गोले बनाए गए।
बताया श्रद्धालु घंटा न बजा सके लिहाजा उसे कपड़े से बांध दिया है। सैनिटाइजर की व्यवस्था है। मास्क लगाएं बिना किसी को अंदर नहीं आने देंगे। गुरुवार को यहां भीड़ ज्यादा होती है इसलिए अभी से तैयारियां की जा रही हैं।
वहीं पक्का तालाब स्थित बाबा तुरंतनाथ मंदिर पर भक्त बाबा की आरती करते मिले। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 5 लोग ही अंदर थे बाकी लोग बाहर खड़े थे।
काली बांह मंदिर के महंत रविन्द्र गिरी ने बताया सुबह 5 बजे आरती के बाद मंदिर खोला गया। भक्तों ने दूर से सीढ़ी के पास से माता रानी के दर्शन किए। दूसरे गेट से श्रद्धालुओं के जाने की व्यवस्था की गई है। पहले दिन कम लोग आए। प्रसाद चढ़ाने की मनाही रही।
पुरबिया टोला निवासी अमरदास बाबा का कहना है कि वह मंदिर रोज आते थे द्वार खुलने पर सबसे पहले वही मंदिर आए। भले ही मातारानी के दर्शन दूर से किए लेकिन फिर भी मंदिर के आने पर उत्सव जैसा लग रहा है।
लालपुरा स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में अन्य मंदिरों की अपेक्षा कुछ ज्यादा भीड़ देखने को मिली। सोमवार होने की वजह से पूजा करने लोग आए थे। कई भक्तों ने रोक के बावजूद मंदिर के अंदर घुस कर फूल और जल चढ़ाया। कुछ ने बाहर से ही हाथ जोड़ा और माथा टेका।
मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश वाजपेयी को जानकारी होने पर उन्होंने मंदिर के दरवाजे बंद करवा दिए। इसके बाद लोगों ने बाहर से दर्शन किए। बताया कि सुबह मंदिर को सैनिटाइज करने के बाद खोला गया।
श्री गुरुतेग बहादुर गुरुद्वारा में भी सिख श्रद्धालुओं ने माथा टेका। सुबह कम संख्या में लोग आए। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया। सैनिटाइजर और साबुन के अलावा मास्क उपलब्ध थे।
आने वाले श्रद्धालुओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। गुरुद्वारा समिति के प्रबंधक सरदार तरण पाल सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे आने वालों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। सभी ने कोरोना महामारी के खात्मे के लिए गुरु अरदास की।
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पचरहा मस्जिद के मुतवल्ली गुलशेर खां ने बताया सुबह की नमाज 5 लोगों ने मस्जिद के अंदर पढ़ी। बताया सभी ने करीब दो मीटर के फासले पर बैठकर नमाज पढ़ी। शेष अन्य लोगों ने घरों में नमाज पढ़ी।
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