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शिक्षक ऑनलाइन कार्य का करेंगे बहिष्कार

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इटावा। ब्लाक संसाधन केंद्रों पर लैपटाप, कंप्यूटर और पर्याप्त कंप्यूटर आपरेटर होने के बाद भी शिक्षकों को डीबीटी डाटा भरने के लिए मजबूर करना न्यायोचित नहीं है। शिक्षकों को इस काम में लगाया जाना अनिवार्य शिक्षा अधिनियम का उल्लंघन है।
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डीबीटी डाटा फीडिंग के आदेश का विरोध करते हुए मंगलवार को उप्र जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने महानिदेशक को संबोधित ज्ञापन बीएसए को दिया।
जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी और महामंत्री एहसान अहमद ने बताया कि छात्रों को यूनिफार्म स्वेटर, स्कूल बैग एवं जूते-मोजे देना है। खातों में धनराशि प्रेषण को संपूर्ण डेटा एवं अभिभावकों का बैंक खाता एवं आधार फीड कराया जा रहा है।
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इस काम में शिक्षकों को समस्याएं आ रही हैं। दंडात्मक कार्यवाही का भय दिखाकर नियमों के विरुद्ध जाकर वेतन से गैर कानूनी ढंग से खर्च कराने को बाध्य किया जा रहा है।
प्रांतीय उपाध्यक्ष गौरव पाठक और मंडल उपाध्यक्ष रामजनम सिंह भदौरिया ने कहा कि हर ब्लाक संशोधन केंद्रों को बड़ा बजट देकर सुदृढ़ीकरण कायाकल्प किया गया है। सभी सुविधाओं से आच्छादित किया है।
हर केंद्र पर कई-कई कंप्यूटर, लैपटॉप और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कंप्यूटर में दक्ष हैं, उनसे कार्य कराया जाए। कहा कि यह जिम्मेदारी शिक्षकों को देने से प्रदेश का बेसिक शिक्षक आंदोलित है।
कहा कि सरकारी कार्यों के लिए जब तक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक कंप्यूटरीकृत ऑनलाइन कार्य का प्रदेश का बेसिक शिक्षक बहिष्कार करता रहेगा।
ज्ञापन देने वालों में ब्लाक अध्यक्ष राजेश जादौन, अच्युत त्रिपाठी, विनय दीक्षित, संजय दुबे, राजेश मिश्रा, राघवेंद्र, मोहम्मद यूसुफ, अरशद हुसैन, पुष्पा यादव, अवधेश राठौर, आशीष दीक्षित, लाली देवी आदि थे।
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