फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etawah News: टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का हल्लाबोल, नारेबाजी

विज्ञापन
फोटो 25::टीईटी अनिवार्यता के विरोध में ज्ञापन देने जाते शिक्षक व शिक्षिकाएं। स्रोत-संगठन
विज्ञापन
इटावा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संशोधन के बाद शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ गुरुवार को जनपद के शिक्षकों ने आर-पार की जंग का एलान कर दिया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ और जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने संयुक्त रूप से कलक्ट्रेट का घेराव किया। काला कानून वापस लो और रोजी-रोटी मत छीनो जैसे नारों के साथ हजारों शिक्षकों ने पैदल मार्च निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।
विज्ञापन


दोपहर को बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का जुटना शुरू हुआ। देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि परिसर छोटा पड़ गया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद यादव के नेतृत्व में जब पैदल मार्च शुरू हुआ, तो सड़क पर केवल शिक्षकों का रेला ही नजर आ रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर सिंह को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द अध्यादेश लाकर राहत नहीं दी, तो मार्च में दिल्ली की सड़कों पर डेरा डाला जाएगा।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पात्रता से छूट थी, लेकिन बिना किसी सूचना के कानून बदल दिया गया। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष गौरव पाठक, जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी, ब्रजेश यादव (सेवानिवृत्त संघ), उपेन्द्र वर्मा, रामविलास यादव, जितेंद्र यादव, विपिन मिश्रा, गोविंद चौहान, अहसान अहमद मुन्ना, अजय तिवारी, देवेंद्र सोलंकी, मुकेश यादव रहे।
विज्ञापन

वहीं, दूसरी ओर महिला शिक्षक संघ ने भी जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस अनिवार्यता से शिक्षकों की बिगड़ रही सेहत का हवाला देते हुए फैसला वापस लेने पर विचार करने की मांग रखी। संघ की जिलाध्यक्ष कामना सिंह व महामंत्री अर्चना चौधरी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अधिनियम में बदलाव कर शिक्षकों के लिए नया नियम तैयार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें