इटावा। शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता के पक्ष में केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी की ओर से संसद में दिए गए बयान पर जिले के शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने अंबेडकर चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्रीय मंत्री का पुतला फूंका।
शिक्षकों ने नो-टेट-बिफोर-आरईटी-एक्ट के नारे लगाते हुए दो टूक कहा कि उनकी नियुक्तियां तत्कालीन नियमों के आधार पर हुई थीं, ऐसे में 20-25 साल की सेवा के बाद नई योग्यता थोपना पूरी तरह नियम विरुद्ध है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद यादव ने कहा कि अगर 20 साल पहले सेना में भर्ती हुए जवान को आज 10 किमी दौड़ाया जाए तो विभाग खाली हो जाएगा। 55 साल की उम्र में शिक्षकों को परीक्षा के लिए मजबूर करना मानसिक उत्पीड़न है। प्रदर्शन के दौरान जिला मंत्री अजय तिवारी, कोषाध्यक्ष विनोद यादव, संरक्षक ब्रजेश यादव, उपेंद्र वर्मा, मंजू भदौरिया, जौली शाक्य मौजूद रहे।