भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरोध को लेकर पूर्र्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार तपती धूप में कांग्रेसी भी ‘गरम’ नजर आए। बिल की प्रतियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला फूंका।
बढ़पुरा ब्लाक क्षेत्र में उदी मोड़ चौराहा पर पुलिस के साथ उनकी भिड़ंत भी हुई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने मोदी सरकार पर जमकर भड़ास भी निकाली।
जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को जिले में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को लेकर ब्लाक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। ब्लाक बढ़पुरा, जसवंतनगर व सैफई में कांग्रेस जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के साथ अध्यादेश की प्रतियां और मोदी का प्रतीकात्मक पुतला फूंका गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष ने मोदी सरकार को जमकर कोसा।
कहा कि कांग्रेस की सरकार में 2013 में भूमि अधिग्रहण कानून बनाया गया था, वह किसानों के लिए हितकारी था। आरोप लगाया कि मोदी सरकार में भूमि अधिग्रहण जो अध्यादेश लाया गया है, वह किसानों के लिए काला कानून साबित हो रहा है। यह भी कहा कि किसान अपने को ठगा महसूस कर रहा है।
आरोप लगाया कि मोदी सरकार के अध्यादेश में किसानों की सहमति की शर्त खारिज कर दी गई है। इसके साथ ही किसान को जमीन लौटाने के प्रावधान भी निरस्त कर दिया गया है। आरोप लगाया कि बिल में अधिकारियों की लापरवाही को अनदेखा करने और उन्हें बचाने का विशेष प्रावधान किया गया है।
इसी तरह ब्लाक बसरेहर, ताखा, भरथना, महेवा और चकरनगर में भी कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रमोद शंखवार, सीताराम जादौन, श्यामबाबू त्रिपाठी, रामनरेश यादव, संजय दोहरे, प्रेमकिशोर द्विवेदी, मलखान सिंह यादव, अरूण यादव, श्याम सिंह बघेल, वाचस्पति दुबे, तुलसीदास शुक्ला, रजनीश यादव, आरबी सिह पाल, प्रशांत यादव, पल्लब दुबे सहित आदि कांग्रेसी शामिल रहे।