देश को बुलेट ट्रेन का सपना दिखाया जा रहा और चल रही गाड़ियां समय पर रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच रहीं। ट्रेनों की सुस्त रफ्तार से यात्री पस्त हो रहे हैं। भीषण गर्मी में यात्रियों को प्लेटफार्म पर घंटों बिताने पड़ रहे हैं।
इस समय न कोहरा है और न धुंध लेकिन गाड़ियों का संचालन समय पर नहीं हो पा रहा। स्थिति यह है कि ज्यादातर सवारी गाड़ियां घंटों के हिसाब से लेट चल रही हैं। रेल मंत्रालय लगातार उन्हें सही समय पर संचालित किए जाने के निर्देश अफसरों को दे रहा है, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात।
चेनपुलिंग रोकने के लिए आरपीएफ ने भी शिकंजा कसा है लेकिन गाड़ियों की लेटलतीफी थम नहीं रही। इस समय सहालग चलने से ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ चल रही है। ऐसे में ट्रेनों की लेटलतीफा यात्रियों को रुला रही है। भीषण गर्मी में यात्री ट्रेन के इंतजार में घंटों बैठे रहते हैं। पूछताछ खिड़की पर गाड़ियों की सही जानकारी मिल नहीं पा रही।
थोड़ी-थोड़ी देर में गाड़ियों की लेट पोजीशन बढ़ती जाती है। मंगलवार को भी ट्रेनों के बिगड़े शेड्यूल ने यात्रियों को परेशान किया।
स्थिति यह रही कि दिल्ली की ओर जाने वाली मगध एक्सप्रेस करीब आठ घंटे, गोमती एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, तूफान एक्सप्रेस पांच घंटे, पैसेंजर चार तो मुरी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे की दूरी से पहुंची। इसी तरह कानपुरी की ओर जाने वाली जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस पांच घंटे की दूरी से पहुंची।