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सुमित्रा को मिली ‘नई जिंदगी’

Wed, 07 Sep 2016 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
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आपरेशन के बाद मरीज सुमित्रा पाल। - फोटो : अमर उजाला
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उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के एनेस्थिसिया और सर्जरी विभाग ने सुमित्रा पाल (35) के पित्त की थैली की पथरी का दूरबीन विधि से सफल आपरेशन किया। मरीज के दिल में 3.1 सेमी का छेद है। ऐसी स्थिति में मरीज की जान को खतरा भी था। आपरेशन की सफलता पर विभागीय स्टाफ ने खुशी जताई है।
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एनेस्थिसिया विभाग के डा. राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि मरीज सुमित्रा पाल पित्त की थैली में पथरी के गंभीर दर्द से पीड़ित थीं। उनके दिल में छेद भी है। ऐसे मरीजों के आपरेशन में होश न आने का डर होता है। अचानक ब्लड प्रेशर का गिर जाना या दिल के बैठ जाने का खतरा भी रहता है। उन्होंने बताया कि मरीज सुमित्रा का आपरेशन जरूरी जांच के बाद किया गया। सुमित्रा ने बताया कि लखनऊ के कुछ प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में दिखाया। जहां आपरेशन करनेे से मना करने के बाद उन्होंने सैफई में जांच कराई। जहां उन्हें सकारात्मक नतीजा मिला और आपरेशन के बाद अब वह दर्द से निजात पा गईं हैं।
डा. भरत भूषण भारद्वाज नेे एनेस्थिसिया विभाग में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया। बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. (ब्रिगे.) टी. प्रभाकर के निर्देशन में एनेस्थिसिया विभाग अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। कुलपति न्यूरो-एनेस्थिसिया विशेषज्ञ हैं। आपरेशन की सफलता पर कुलपति डा. (ब्रिगे) टी. प्रभाकर, चिकित्साधीक्षक डा. (ब्रिगे) एसके गुप्ता, कुलसचिव जितेंद्र प्रताप सिंह, वित्त नियंत्रक पीएन सिंह, विभागाध्यक्ष एनेस्थिसिया प्रो. ऊषा शुक्ला ने विभाग के डा. राकेश बहादुर सिंह, डा. उर्वशी यादव, डा. आर सी यादव और दूरबीन विधि से आपरेशन करने वाले सर्जरी विभाग के डा. अनिल शर्मा, डा. सोमेंद्र पाल सिंह और डा. शेष कुमार को बधाई दी है।
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 ये जटिलता थी
- ऐसे मरीजों के आपरेशन में होश न आने का डर होता है।
- अचानक ब्लड प्रेशर का गिर जाना या दिल के बैठ जाने का खतरा भी रहता है।
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