जिला अस्पताल के ब्लड बैंक व अन्य व्यवस्थाओं को देखते टीम के सदस्य।
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कायाकल्प योजना के तहत अस्पताल की मार्किंग करने के लिए एनआरएचएम की दो सदस्यी टीम मंगलवार को जिला अस्पताल पहुंची और अस्पताल की व्यवस्थाओं को परखा। टीम ने अस्पताल के कोने-कोने को देखा और मरीजों से भी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। टीम के सदस्यों ने बताया कि जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में पहले की अपेक्षा काफी सुधार है। सफाई के मानक भी पूरे पाए गए हैं।
प्रदेश भर के जिला अस्पतालों को बेहतर बनाने के लिए शासन ने पिछले वर्ष कायाकल्प योजना शुरू की थी। जिसमें व्यवस्थाओं, सुविधाओं और सफाई को मानक बनाकर प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई। जिसमें प्रथम स्थान पाने वाले को 50 लाख, द्वितीय स्थान पाने वाले अस्पताल को 20 लाख व तृतीय स्थान पर आने वाले अस्पताल को 10 लाख रुपये का नगद इनाम दिए जाने की व्यवस्था शासन ने की है। इस कायाकल्प योजना में पिछले वर्ष जिला अस्पताल ने प्रदेश में दूसरा स्थान पाया था और अस्पताल को इनाम में 20 लाख रुपये जीते थे। इसके बाद से अस्पताल प्रशासन ने पुरस्कार की धनराशि से एक बार फिर से अस्पताल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का कार्य शुरू कर किया था।
मंगलवार को योजना के तहत जिला अस्पताल की मार्किंग के लिए एनआरएचएम के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफीसर औरैया अनीष अंसारी व हॉस्पिटल क्वालिटी मैनेजर औरैया डॉ. दिलीप कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले अस्पताल का स्टोर को देखा और यहां की व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जाहिर की। इसके बाद अस्पताल के दवाई वितरण कक्ष, डॉक्टरों के कक्ष की व्यवस्थाओं, वार्ड में मरीजों की देखरेख की व्यवस्था को भी टीम ने बारीकी से देखा और सब कुछ बेहतर बताया। इसके बाद टीम ने अस्पताल के बर्न यूनिट, डेंगू वार्ड, वरिष्ठ नागरिक वार्ड, ट्रामा सेेंटर को भी टीम ने देखा और व्यवस्थाओं के आधार पर नंबर दिए। टीम ने इसके बाद ओपीडी, इंमरजेंसी, आईपीडी, पैथालोजी व ब्लड बैंक को जांचने के बाद अस्पताल परिसर का भी निरीक्षण किया। टीम ने यहां अस्पताल को हरा-भरा बनाने के लिए बनाए गए पार्कों की सराहना की। अस्पताल के सीएमएस एके पालीवाल टीम को अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी देते रहे।