उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई के तहत संचालित पैरामेडिकल विज्ञान महाविद्यालय में इस सत्र से फार्मेसी की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। पहले बी फार्मा के 60 सीटों के लिए कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके बाद एम फार्मा के कोर्स शुरू होंगे। इसके लिए आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजूकेशन की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। ये जानकारी संस्थान के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर टी प्रभाकर ने दी।
उन्होंने बताया कि पैरामेडिकल विज्ञान महाविद्यालय के तहत कालेज आफ फार्मेसी को अगले सत्र से चलाने के लिए सारी तैयारी पूरी हो गई है। इसके लिए आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजूकेशन ने मौके पर आकर जायजा भी ले लिया है। अगले सत्र से बी फार्मा में 60 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे। कालेज के दौरे पर आई टीम ने भी बारीकी से निरीक्षण किया। उसे सारे लैब भी ठीक मिले। इसके अलावा पढ़ाने के लिए की गई व्यवस्था भी दुरुस्त मिली है। उन्होंने बताया कि यह प्रदेश में सरकारी सेक्टर का पहला कालेज आफ फार्मेसी होगा।
डॉ. प्रभाकर ने बताया कि संस्थान में पूर्व में नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, आप्टोमेट्रिक, रेडियोलाजिकल इमेज में डिग्री व डिप्लोमा कोर्सेज संचालित किए जा रहे हैं। कालेज को जल्द ही मान्यता मिल जाएगी। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य पैरामेडिकल कालेज प्रोफेसर अरुण नागरथ के अलावा प्रभारी पैरामेडिकल डा. सुनील श्रीवास्तव, डा. कमल पंत, प्रशासनिक अधिकारी केबी अग्रवाल आदि मौजूद रहे।