कार्डियो-पल्मोनरी फिजियोथेरेपी पर हुई कार्यशाला के समापन पर छात्रा-छात्राओं ने पोस्टर और मॉडल प्रदर्शित किए। इसका आयोजन उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (रिम्स) सैफई की ओर से संचालित पैरामेडिकल विज्ञान महाविद्यालय के फिजियोथेरेपी विभाग में किया गया था।
रविवार को दो दिवसीय कार्यशाला के समापन पर मुख्य प्रशिक्षक डा. वीपी गुप्ता, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर फिजियोथेरेपी विभाग के स्टूडेंट्स ने पोस्टर व मॉडल प्रदर्शनी लगाई। इसमें फेफड़े एवं हृदय की कार्यशैली को प्रदर्शित करते चित्रों में उसकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया था। कार्यशाला में स्टूडेंट्स ने कार्डियो-पल्मोनरी पर आधारित सवाल भी किए। अंत में कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
विभागाध्यक्ष फिजियोथेरेपी डा. सूरज कुमार ने प्रशिक्षण ले रहे चिकित्सकों एवं छात्र-छात्राओं को आकस्मिक चिकित्सा एवं आईसीयू मरीजों के लिए कार्डियो-पल्मोनरी फिजियोथेरेपी से संबंधित जरूरी तकनीकों के बारे में बताया।
उन्होंने प्रतिभागियों से उम्मीद जताई कि कार्यशाला में दी गई जानकारी एवं ट्रेनिंग को व्यापक रूप से अपने प्रोफेशन में अपनाएंगे। इस अवसर पर प्रो. अरुण नागरथ, डा. रमाकांत यादव, डा. अनिल शर्मा, केबी अग्रवाल, सचिन भूषण, नेहा रस्तोगी, अंजली अग्रवाल, केबी रंजीत सिंह चौधरी, डा. गौरीशंकर आदि उपस्थित रहे।