नोटबंदी और रिजर्व बैंक की पाबंदी के खिलाफ सहकारी बैंकों में शुक्रवार को हड़ताल रही। हजार और पांच सौ के पुराने नोट जमा करने पर रोक से गुस्साए इटावा व औरैया की 28 शाखाओं के करीब पौने तीन सौ कर्मचारी कचहरी रोड स्थित जिला सहकारी बैंक मुख्यालय परिसर में एकत्र हुए। यहां धरना प्रदर्शन किया। कोआपरेटिव बैंक स्टाफ एसोसिएशन की यूनिट इकाई ने इस पाबंदी को हटाने की मांग कर भारत सरकार और आरबीआई को ज्ञापन भेजा है।
ऑल इंडिया कोआपरेटिव बैंक इंप्लाइज फेडरेशन की इटावा यूनिट के मंत्री मंशाराम ने कहा कि जिला सहकारी बैंकों को प्रतिबंधित नोटों को जमा करने की योजना से बाहर रखा गया है। रिजर्व बैंक के ऐसा करने से बैंक की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। जिला सहकारी बैंकों में दो करोड़ से अधिक खाताधारकों का 30 हजार करोड़ रुपये जमा है। 25 हजार करोड़ का ऋण किसानों को वितरित किया गया है। बैंक के खाताधारक गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हैं। आरबीआई की पाबंदी से लोनधारक किसान परेशान हैं। रबी फसल की बुआई होनी है लेकिन किसान ऋण समितियों में जमा नहीं कर पा रहा है। उन्होंने मांग की है कि आरबीआई का निर्देश रद किया जाए।
धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता अतुल प्रताप सिंह ने की और संचालन अतुल वर्मा ने किया। इस दौरान सुनील यादव, अखिलेश चतुर्वेेदी, दिलीप यादव, राजीव त्रिपाठी, अतुल वर्मा, देवेंद्र यादव, ओमवीर सिंह, मिशिल सिंह, भूपेंद्र सिंह, मनीष कुमार, ऋषि कुमार, रिंकी यादव, राजेश चौहान, रोली गुप्ता आदि कर्मचारी मौजूद रहे।