मंडी अधिकारियों से बैठकर बातचीत करते माकपा नेता मुकुट सिंह एवं व्यापारी नेता अनंत अग्रवाल
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नवीन मंडी प्रशासन की ओर से 10 दिन पहले व्यापारियों से 43 दुकानें खाली करा कर ताले डालने का मामला गरमा गया है। इसके विरोध में सोमवार को व्यापारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। प्रतिष्ठान में ताले लगा धरने पर बैठ गए। मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ऐलान किया कि जब तक व्यापारियों को दुकानें नहीं दी जाएंगी, वे हड़ताल जारी रखेंगे। पहले दिन की हड़ताल से करीब दो करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।
हड़ताल के पहले दिन व्यापारियों ने मंडी में एक बैठक की। इसके बाद उपनिदेशक मंडी से मिले और उनसे मांग की कि दुकानें उन्हें दी जाए। दुकानों पर कई सालों से वह काबिज है। इसका पैसा भी वह जमा कर चुके है। लेकिन उपनिदेशक ने साफ कर दिया कि पहले की आवंटन प्रक्रिया को जिला अधिकारी ने निरस्त कर दिया था। अब नई आवंटन प्रक्रिया के तहत ही दुकानें मिल सकेगी। वार्ता सफल न होने पर व्यापारियों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।
व्यापारियों ने बताया कि फल व सब्जी मंडी में वर्ष 2011 में तत्कालीन मंडी सचिव अरुण यादव ने आवंटन प्रक्रिया के तहत उन लोगों को दुकानों का आवंटन किया था। इसकी रसीदे भी उनके पास है। वही मंडी प्रशासन का कहना है कि जिला अधिकारी ने दुकानों की आवंटन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया था क्योकि उसमें आरक्षण प्रक्रिया का पालन नही किया गया था। व्यापारियों का कहना है कि आवंटन प्रक्रिया निरस्त होने की कोई जानकारी उन्हें नही दी गई। यदि आवंटन प्रक्रिया को निरस्त किया गया तो उसमें दोष उनका नही है। रविवार को उपनिदेशक मंडी प्रशासन राजीव श्रीवास्तव इटावा आए और व्यापारियों को समस्याओं को सुना ।
उनसे व्यापारियों की कई दौर की वार्ता हुई लेकिन मामले का हल नही निकल सका। व्यापारियों का कहना था कि उनकी दुकानों में लगे ताले खोल दिए जाए तो वह हड़ताल खत्म कर देंगे। व्यापारी नेता अनंत अग्रवाल ने बताया कि हडताल जारी रहेगी। माकपा नेता मुकुट सिंह, व्यापारी नेता अनंत प्रताप अग्रवाल, प्रदीप कुमार, सतीश, फेरू सिंह, बाबू भाई, बदन सिंह, कमालुद्दीन,इदरीश, सुनील कुमार, पप्पू भाई आदि से दो तीन दौर में अधिकारियों से बातचीत भी हुई। व्यापारियों ने मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।