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आधार या 50 रुपये दो तभी मिलेगा स्ट्रेचर

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इटावा। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को तभी स्ट्रेचर मिलता है जब साथ आया व्यक्ति ओरिजनल आधार कार्ड या 50 रुपये जमा करे। आधर और रुपये न देने पर स्ट्रेचर नहीं दिया जाता है। इसके अलावा इमरजेंसी से जांच के लिए मरीजों को तीमारदारों को ही ले जाना पड़ता है, वार्ड ब्वाय मरीजों को नहीं ले जाते हैं। स्ट्रेचर के लिए रुपये और आधार कार्ड मांगने के कारण अक्सर कहासुनी होती रहती है।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इमरजेंसी में सात स्ट्रेचर और चार व्हीलचेयर हैं। यहां 16 वार्ड ब्वाय तैनात हैं। अस्पताल आए मरीज को इमरजेंसी के अंदर और किसी भी जांच के लिए ले जाने की जिम्मेदारी इन्हीं वार्ड ब्वाय की होती है। इमरजेंसी में मरीज को अटेंड करने वाले वार्ड ब्वाय का नाम रजिस्ट में भी लिखा जाता है, किंतु वार्ड ब्वाय अपनी ड्यूटी नहीं करते हैं। मरीज को तीमारदार ही इमरजेंसी के अंदर और जांच के लिए ले जाते हैं। इसके लिए स्ट्रेचर की जरूरत पड़ती है और स्ट्रेचर के लिए आधार कार्ड या 50 रुपये की जमानत देना जरूरी कर दिया गया है। इसके लिए एक कर्मचारी को लगाया गया है। वह तीमारदार का नाम पता लिखता है। स्ट्रेचर वापस उसी जगह रखने पर रुपये व आधारकार्ड लौटा दिए जाते हैं। अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि तीमारदार स्ट्रेचर उठा ले जाते हैं, इसलिए ये व्यवस्था की गई है। सोमवार को कुनैरा निवासी राहुल पिता राजकुमार को अस्पताल लाए थे। उनमें पैर में चोट थी, स्ट्रेचर के लिए उनसे आधार कार्ड जमा कराया गया, वह खुद स्ट्रेचर पर पिता को अंदर ले गए। तीमारदार अर्चना ने बताया कि आधार कार्ड जमा करने पर व्हीलचेयर दी गई और खुद मरीज ले गए।
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