इटावा। थाने में खड़ी कार से चांदी निकलवाने में पुलिस विभाग के सिपाही का हाथ होने के बाद एसएसपी ने ऐसे ‘विभीषणों’ की पहचान के लिए गुप्तचर लगाए हैं। कुछ पुलिसकर्मियों के अपराधियों से गठजोड़ के कारण उन्हें वांछित सफलता नहीं मिल पा रही है। एसएसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने जब इटावा का चार्ज लिया तो उन्होंने अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया। इसमें उन्हें काफी सफलता मिली लेकिन जो सफलता मिलनी चाहिए थी वह नहीं मिल सकी। इसका प्रमुख कारण रहा कि पुलिस विभाग में तैनात कुछ ऐसे पुलिस कर्मी रहे जिनका अपराधियों से गठजोड़ रहा।
जिससे कई मामलों का खुलासा नहीं हो सका। जसवंतनगर कस्बा के भट्ठा व्यवसाई ग्रीश यादव उर्फ भोलू का अपहरण हो गया जिसका आजतक पता नहीं चल सका। पुलिस ने इस सम्बंध में कस्बा के ही एक व्यक्ति को पकड़ा और पूछताछ की तो जानकारी मिली कि भोले के अपहरण में क्षेत्र के शातिर अपराधी नीलेश का हाथ है।
पुलिस ने नीलेश को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर भागता रहा। बाद में जानकारी मिली कि स्वॉट टीम में तैनात सिपाही वरूण यादव का नीलेश से सम्बंध था। वह पुलिस की सारी गतिविधियों की जानकारी उसे देता रहता था। यही कारण रहा कि वह पुलिस की पकड़ से दूर रहा। जानकारी होने के बाद एसएसपी ने वरुण यादव को गिरफ्तार कराया तथा उसकी बर्खास्तगी की कार्रवाई की।
इसके अलावा ओवरलोंडिग पर एसएसपी ने जाल बिछाया और पुख्ता जानकारी मिलने पर खुद छापा मार कार्रवाई की तो उन्होंने छह सिपाहियों कोे अवैध वसूली करते पाया। जिन्हें सस्पेंड कर दिया। इसके बाद भी मध्य प्रदेश सीमा पर लगे बैरियरों पर रोक नहीं लग सकी। इस पर एसएसपी ने जब फिर से चेक किया तो उदी व सहसों के हनुमंत पुरा चौराहे पर तीन सिपाहियों को अवैध वसूली करते पकड़ा।
एसएसपी ने उन्हें गिरफ्तार कराकर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला भी दर्ज कराया। इसके अलावा उन्हें परिवहन विभाग के पीटीओ व एक सिपाही को भी गिरफतार किया। इस घटना के बाद से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी ने डग्गामारी कराने पर टीएसआई सुभाष यादव को भी सस्पेंड कर दिया।
इन कार्रवाइयों के बाद भी अभी भी विभाग में काफी ऐसे लोग हैं और वह काफी समय से इटावा में जमे है। जिनके अपराधियों से साठगांठ होने कारण पुलिस को उन अपराधियों को पकड़ने में सफलता नहीं मिल पा रही है। पता चला है कि अब एसएसपी ने ऐसे लोगों का पता लगाने के लिए खुफिया विभाग को लगाया है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि जो लोग अवैध कामों में लिप्त हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। जो पुलिस कर्मी प्रकाश में आएंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।