इटावा। स्पेन के बार्सिलोना चिड़ियाघर के चार शेरों के कोरोना की चपेट में आने से इटावा लॉयन सफारी में भी खौफ फैला हुआ है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की तरफ से जारी गाइड लाइन के अनुसार सफारी में शेर और अन्य वन्य जीवों की निगरानी के साथ-साथ उन्हें उनके लिए क्वॉरंटीन सेेंटर बना दिए गए हैं। अब लॉयन सफारी को खोलने पर संशय बढ़ गया है।
स्पेन के बार्सिलोना चिड़ियाघर के चार शेरों की कोरोना जांच रिपोर्ट आठ दिसंबर को पॉजिटिव आई थी। इसकी जानकारी होने के बाद 10 दिसंबर को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने सफारी समेत सभी चिड़ियाघर प्रशासन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसके बाद जानवरों के बचाव और रखरखाव के लिए गाइड लाइन जारी की। इटावा सफारी के निदेशक राजीव मिश्रा ने बताया कि जानवरों की देखभाल करने वाली टीम को गाइड लाइन में बताए गए सभी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस साल सफारी खुलने की योजना थी लेकिन कोरोना संकट खड़ा हो गया। नवंबर में सफारी खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई तो केंद्रीय प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग से अनुमति नहीं मिली।
उप निदेशक सुरेश चंद्र राजपूत ने बताया कि जानवरों खासकर शेरों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों को पहनने के लिए डॉन्गरी, ग्लब्स, गम बूट और मॉस्क मुहैया करवाए गए हैं। बाड़े में जाने से पहले और बाहर जाने के बाद इन कपड़ों को सैनिटाइज करवाया जा रहा है। देखरेख करने वाले कर्मचारियों को दूसरे लोगों के संपर्क में नहीं आने दिया जा रहा है।
सुरेश चंद्र राजपूत ने बताया कि जानवरों के शरीर का तापमान पता करने के लिए सुबह-शाम उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करवाई जा रही है। जुकाम, बुखार या खांसी के लक्षण वाले जानवरों के नमूने कोरोना जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी जानवरों के लिए पर्याप्त आईसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार इनकी निगरानी कर रही है।
निदेशक राजीव मिश्रा ने बताया कि बीहड़ क्षेत्र से जुड़े इटावा सफारी का वातावरण शेरों के लिए काफी मुफीद साबित हो रहा है। अच्छी देखभाल और अनुकूल वातावरण की वजह से इनके कुनबे में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले साल दो शावक सिंबा और सुल्तान पैदा हुए थे। सफारी में अबतक कुल 18 शेर थे जिसमे नौ नर और नौ मादा हैं। इसमें नौ शेर इटावा सफारी में ही जन्मे हैं। दो शावकों के पैदा होने के बाद कुल 20 शेर हो गए हैं। कोरोना से शावकों को बचाने के लिए खास चिकित्सा इंतजाम किए गए हैं। जेसिका पहले भी तीन बार मां बन चुकी है। पहली बार मां छह साल पहले यह बनी थी। हर बार इसके दो-दो बच्चे ही जन्मे। अब तक आठ शावक हुए हैं। सभी स्वस्थ हैं।