इटावा। भाजपा सरकार ने किसान विरोधी कानून बनाए हैं। समाजवादी पार्टी किसानों के व्यापक हितों में सड़क से लेकर संसद तक इस कानून का विरोध करेगी। किसान कानून लागू होने से किसानों की जमीनों पर निजी कंपनियों का कब्जा हो जाएगा। पूंजीपति किसानों का शोषण करेंगे। सपा जिला अध्यक्ष गोपाल यादव ने सिविल लाइन स्थित पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से यह बात कही।
उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री और भाजपा सांसद ने किसान कानूनों के बारे में जो कहा है। वह सिर्फ जनता को गुमराह करना है। किसान अपना गेहूं कहीं भी भेज सकते हैं तो यह कानून तो पहले से ही लागू है। उन्होंने कहा कि पहले से किसान जिस पूंजीपति से समझौता कर लेगा फिर वह कंपनी अपने दामों पर किसान का अनाज खरीदेगी। किसान किसी दूसरी जगह अनाज बेच भी नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि सपा ने हमेशा किसानों की आवाज उठाई है। कहा कि मंडियां समाप्त हो जाएंगी। सारे विवादों में एसडीएम या डीएम सुनवाई करेंगे। सपा की यह मांग है कि कोई भी व्यक्ति किसान की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न खरीदे। धान का समर्थन मूल्य 1888 रुपये है जबकि बाजार में 900 रुपये का भाव मिल रहा है। इन कीमतों से किसान की लागत नहीं निकल रही है। इसलिए सपा न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी चाहती है। इस दौरान पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू, जिला महासचिव चंदन सिंह बघेल मौजूद रहे।