वार्ता करते केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर।
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केंद्रीय इस्पात एवं खनन मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने संकेत दिए हैैं कि भाजपा यूपी के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी चेहरे को सामने ला सकती है। हालांकि उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया कि यह चेहरा योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी या वरुण गांधी में से कौन होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा में इसके लिए फोरम है। सपा-बसपा तो प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां हैं।
मंगलवार को सुमेर सिंह किला स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान तीसरा मोर्चा बनाने के प्रयास पर कहा कि ये कोई नई बात नहीं है। जब कांग्रेस ताकत में थी, तब भी कई सारे मोर्चे बने। आज भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है तो उसके खिलाफ मोर्चे बनाए जा रहे हैं। पहले कांग्रेस के भ्रष्टाचार एवं अनाचार के खिलाफ मोर्चा बनता था। आज के मोर्चे में कोई मोदी को तो कोई संघ को नेस्तनाबूद करना चाहता है। जब चुनाव होगा तो सारे गठबंधन फेल हो जाएंगे।
यूपी विधान सभा चुनाव के बारे में कहा कि चेहरा सामने हो, इस प्रकार के निर्णय की अपेक्षा उत्तर प्रदेश के लोगों में है। पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर भी विचार होगा। बुंदेलखंड में राहत पैकेज को लेकर कहा कि केंद्र सरकार ने जो पैसा दिया है, वह नेट पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से किसी योजना में जो धनराशि मिलती है। उसकी नोडल एजेंसी राज्य सरकार होती है। अब यदि राज्य सरकार पैसे का सही इस्तेमाल नहीं करती तो यह उसकी अकर्मण्यता है। सपा सरकार को काम करना चाहिए। राममंदिर मुद्दे पर कहा कि भाजपा का पहले से ही मत रहा है कि हम मंदिर बनाने वाले नहीं हैं। लेकिन जब मंदिर बनेगा तो आने वाली बाधाओं को दूर करने को पार्टी निर्णय करेगी। फिलहाल तो मामला कोर्ट में है। उन्होंने यूपी में बिजली की कमी के लिए सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एच राजा, जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे, सरिता भदौरिया, अशोक दुबे, रामकुमार चौधरी, कृपा नारायन तिवारी, गगन चतुर्वेदी, विवेक भदौरिया, अन्नू गुप्ता, कमलेश कठेरिया, क्षेत्रपाल तोमर, जितेंद्र जैन हैप्पी, शरद बाजपेयी, रमेश राजपूत आदि मौजूद रहे।