न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पंचम पीएम त्रिपाठी ने बसरेहर क्षेत्र के ग्राम आशानंदपुर में तीन वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में एक अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
घटना के अनुसार रामलखन उर्फ करू यादव निवासी अग्रवाल कालोनी अटेर भिंड ने पुलिस को जानकारी दी कि उसके जीजा यतींद्र का अपने सगे छोटे भाई संजू उर्फ संजय से विवाद चलता था। संजू इसीलिए रंजिश मानने लगा। 15/16 मई 2013 को जब उसका ाजीजा यतींद्र थाना बसरेहर के ग्राम आशानंदपुर में अपने मकान की तीसरी मंजिल पर सो रहा था। उसी समय धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी गई। रामलखन की तहरीर पर पुलिस ने 16 मई 2013 को संजू के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस मामले की सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता रवींद्र सिंह यादव ने सारे गवाह एवं सबूत प्रस्तुत किए। राज्य की ओर से उन्होंने तार्किक बहस कर अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। मामले की बहस सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने अभियुक्त संजू को आईपीसी की धारा 302 का दोषी पाते हुए आजीवन कारवास एवं 5000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई ।