जसवंतनगर के संतनगर में हुआ हत्याकांड सुनियोजित प्रतीत हो रहा है। नाली के
लिए जगह न छोड़कर प्लाट की नींव भरना ही इस हत्याकांड का कारण बना। गांव
में चल रही चर्चाओं के अनुसार श्वेता यादव के ग्राम प्रधान पद की शपथ लेने
से पूर्व प्लाट की नींव भरकर हमेशा के लिए नाली न निकलने का षडयंत्र रचा
गया था।
बताते हैं कि काफी समय से रामशंकर के मकान के पीछे खाली स्थान पर प्लाट पर नींव भरकर तथा नाली के लिए डेढ़ फुट जगह न छोड़कर जान बूझकर झगड़ा पैदा करने की कोशिश की गई। ऐसा माना जा रहा है कि श्वेता यादव के प्रधान बन जाने के बाद ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा संभव नहीं हो पाता और वह उस पर अपने अधिकार के तहत कार्यवाही कर देती।
कब्जा करने वाला पक्ष श्वेता यादव के परिवार के प्रतिद्वंद्वी बताए जा रहे हैं। गांव में यह भी चर्चा है कि राम शंकर के प्रतिद्वंद्वी पहले ही उनके घर से गांव में जाने के सारे रास्ते बंद कर चुके थे। इस पर उन्होंने खेत के किनारे से निकलना शुरू कर दिया था। अब उनके घर का पानी न निकलने देने का इंतजाम कर उसे परेशान करने की साजिश रची जा रही थी।
षडयंत्रकारी अपनी योजना में सफल हो गए। खूनी संघर्ष में चार लोगों की जाने चली गईं। हत्याकांड में मरने वाले 4 लोगों में से तीन लोग एक ही खानदान के थे। जिसमे मृतक मुकेश उर्फ गुडडू एक पक्ष का है जबकि मृतक आशाराम तथा मृतक देवेंद्र उर्फ कल्लू ये दोनो एक पक्ष के है। तीनो मृतक एक ही परिवार के बताए गए हैं।
एक तरफ जहां 43 वोंटो वाले इस गांव मे श्वेता यादव पत्नी भूपेंद्र सिंह यादव उर्फ भूरा प्रत्याशी थे । वही दूसरे पक्ष से केशन श्री पत्नी रघुराई प्रत्याशी थी। हालांकि ग्राम पंचायत मे प्रधान पद के लिए कुल 7 लोग उम्मीदवार थे। मुख्य मुकाबला श्वेता यादव तथा केसन श्री के बीच ही सिमट कर रह गया और अंत मे श्वेता यादव विजयी रही ।
पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
थानाक्षेत्र के ग्राम संतनगर में शनिवार को चुनावी रंजिश में मारे गए चारों लोगों का पोस्टमार्टम के बाद शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। तनावपूर्ण माहौल को देखते भारी पुलिस फोर्स व पीएसी की मौजूदगी में अंत्येष्टि हुई। अधिकारी भी हर स्थिति पर नजर रखे रहे।
चुनावी रंजिश को लेकर हुए खूनी संघर्ष में शनिवार को 4 लोग मारे गए थे। जिनमें से तीन एक ही परिवार के थे। चौथा मिस्त्री धनीराम राजपूत था। जिसकी अंत्येष्टि थाना बैदपुरा क्षेत्र के ग्राम नगला हरे में की गई। जबकि अन्य तीन मुकेेश उर्फ गुड्डू, आशाराम यादव, देवेंद्र यादव उर्फ कल्लू की अंत्येष्टि उनके गांव संतनगर में की गई।
इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल व पीएसी मौजूद रही। लोगों की भीड़ अंत्येष्टि स्थल पर एकत्र रही। मुकेश की अंत्येष्टि अलग तथा आशाराम एवं देवेंद्र की अंत्येष्टि आसपास हुई।