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पहले दिन 625 स्कूलों से आया एसएमएस

Wed, 27 Apr 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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बीएसए कार्यालय पर बने हाजिरी कंट्रोल रूम में एसएमएस रिसीव करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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जनपद में जिला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा मंगलवार से एसएमएस हाजिरी व्यवस्था को लागू कर दिया गया। पहले दिन सिर्फ 625 बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों ने अपने मोबाइल से एसएमएस के माध्यम से हाजिरी लगाई। वहीं पहले दिन जानकारी के अभाव में कई शिक्षकों के द्वारा नियमानुसार एसएमएस नहीं भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद उनकी डिटेल को मानते हुए हाजिरी स्वीकार कर ली गई।
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मंगलवार बेसिक शिक्षा विभाग की नई एसएमएस हाजिरी व्यवस्था का पहला दिन था। इसके लिए बीएसए कार्यालय पर बनाए गए कंट्रोल रूम पर सुबह से ही एसएमएस आने शुरू हो गए। एसएमएस रिसीव करने का समय सुबह विद्यालय खुलने का समय आठ से 8:30 बजे तक का था, लेकिन कंट्रोल रूम में रूक रूक कर सुबह 10 बजे तक शिक्षकों के एसएमएस आते रहे। नई व्यवस्था का पहला दिन होने के कारण विभाग द्वारा निर्धारित तरीके को बहुत कम शिक्षक ही अपनाते नजर आए और सभी एसएमएस भिन्न भिन्न तरीके से आते रहे।




पहले दिन जनपद के 1722 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 625 विद्यालयों के शिक्षकों ने ही एसएमएस कर अपनी हाजिरी दर्ज कराई। ऐसे में विभाग भी असमंजस की स्थिति में रहा कि शेष शिक्षकों की हाजिरी का क्या किया जाए। इस संबंध में जब बीएसए जेपी राजपूत से बात की गई तो उन्होंने कहा कि एसएमएस हाजिरी व्यवस्था के पहले दिन जानकारी के अभाव में कई शिक्षक एसएमएस नहीं कर सके और कइयों ने गलत एसएमएस किया। इसलिए शुरूआती दिनों में विद्यालयों के रजिस्टर की हाजिरी भी मान्य होगी।
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खोखले दिखे शिक्षक नेताओं के दावे, दो हजार शिक्षकों ने लगाई हाजिरी- इटावा। जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा लागू की गई एसएमएस हाजिरी व्यवस्था का शिक्षक संघ ने पूरी तरह से विरोध करने की घोषणा की थी।  जिलाध्यक्ष विनोद यादव ने कहा था कि विभाग कि इस नई व्यवस्था का विरोध करते हुए कोई भी शिक्षक एसएमएस से हाजिरी नहीं लगाएगा, लेकिन उनका यह दावा पूरी तरह से खोखला साबित हुआ। पहले ही दिन जनपद के दो हजार शिक्षकों ने एसएमएस से हाजिरी लगाई। विभागीय सूत्रों की माने तो हाजिरी लगाने वालों में शिक्षक संगठनों में पद रखने वाले कई शिक्षक भी शामिल हैं।
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