राजकीय बाल चिकित्सालय में बीमार बच्चे की जांच करते रिम्स सैफई के डाक्टर धीरज व डा. पियूष।
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राजकीय बाल चिकित्सालय में रिम्स सैफई के डाक्टरों की टीम ने मंगलवार को कमान संभाल ली और ओपीडी शुरू कर दी। पहले दिन यहां पहुंचे मरीजों में से 50 बीमार बच्चों का रिम्स के डाक्टरों ने उपचार दिया। वहीं लगभग इतने ही बच्चों को जिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस डा. बीएस अग्निहोत्री ने इलाज दिया।
पिछले लंबे समय के बाद मंगलवार को शहर के राजकीय बाल चिकित्सालय में एक बार फिर से रौनक दिखाई दी, जहां पिछले दिनों में ज्यादातर चिकित्सालय की ओपीडी में ताला लटका हुआ दिखाई देता था, वहीं मंगलवार को एक नहीं दो-दो कक्षों में ओपीडी के लिए न सिर्फ डाक्टर बैठे बल्कि कई अन्य जूनियर डाक्टर भी बच्चों की जांच में जुटे देखे गए।
सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडीसिन के द्वारा यहां पर शुरू किए गए अरबन हेल्थ सेंटर में पहले दिन रिम्स सैफई के एसोसिएट प्रोफेसर डा. धीरज श्रीवास्तव असिस्टेंट प्रोफेसर डा. पियूष के साथ जूनियर डाक्टर देवेंद्र यादव व धर्म प्रकाश गुप्ता ने बच्चों की जांच की और उन्हें उपचार के लिए दवाइयां लिखीं। सैफई की टीम ने पहले दिन 50 बच्चों की जांच की। यह पहला अवसर था जब अस्पताल के दो कक्षों में एक साथ ओपीडी चल रही थी और बीमार बच्चों के माता पिता की भीड़ होने के बावजूद यहां उन्हें अपनी बारी के लिए कतार में नहीं लगना पड़ा।
बीमार बच्चों की माताओं को दी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी- इटावा। यहां पहुंची डाक्टरों की टीम के साथ हेल्थ एजूकेटर विधि रावत व गजेंद्र कुमार ने बीमार बच्चों के मां बाप क ो बच्चों के इलाज के साथ- साथ उनकी देखरेख के बारे में जानकारी भी दी। यहां पर प्रतिदिन अब बच्चों को उपचार तो दिया ही जाएगा, साथ ही इसी प्रकार से हेल्थ एजूकेटर माता पिता को जानकारी देंगे कि वह किस प्रकार से अपने बच्चों को बीमारी की चपेट में आने से बचाएं।