इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम अशोक कुमार दुबे ने एक साल पुराने सिपाही के साथ मारपीट, धमकी व मोबाइल लूट ले जाने के मामले में छह को दोषी पाया है। कोर्ट इस मामले में गुरुवार को दोषियों को सजा सुना सकती है।
सहायक आयुक्त राज्यकर सचल दल सुनील ओझा ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि वह 2 फरवरी 2025 को अपनी टीम के साथ चेकिंग पर निकले थे। कामेत पुलिया के पास पहुंचे तभी एक डीसीएम आती दिखी उसमें लकड़ी भरी थी। उन्होंने गाड़ी रोककर कागजात मांगे तो डीसीएम चालक कागजात नहीं दिखा सका था।
इस पर उसने सिपाही गोविंद सिंह को डीसीएम में बैठाकर उसे राज्य कर कार्यालय के लिए भेज दिया था। रास्ते में डीसीएम में सवार लोगों व उसके साथ कार में चल रहे लोगों ने सिपाही के साथ मारपीट की और कार में बैठा लिया। बाद में उसका मोबाइल छीन लिया और जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया था। तहरीर के आधार पर थाना बढ़पुरा पुलिस ने विकास कुशवाहा निवासी उदी, विकास कुमार निवासी कामेत, अंकुर, शशांक उर्फ छोटू, अजय निवासी उदी, रमन सिंह निवासी पुरा केशव सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
बाद में पुलिस ने छानबीन के बाद सिपाही का मोबाइल बरामद कर लिया था। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बुधवार को मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर विकास कुशवाहा, विकास कुमार, अंकुर, शशांक, अजय व रमन को दोषी पाया है।