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क्षेत्र के ग्राम मलाजनी में ग्रामीणो के जलआपूर्ति के लिए सोपीश बनी पानी के टंकी

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क्षेत्र के मलाजनी गांव में राष्ट्रीय ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम के तहत एक करोड़ से ज्यादा लागत से पानी की टंकी बनाई गई। इसके बाद भी यह शोपीस बनी हुई है। इस टंकी से लगभग एक दर्जन गांव जुडे़ हैं।
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पानी की टंकी वर्ष 2011 में मलाजनी ग्राम पेयजल योजना के तहत बनाई गई थी। यहां पर शुरू से ही ग्रामीणों के कनेक्शन नहीं है बल्कि यहां पर लगभग 50 से ज्यादा स्टेंड पोस्ट लगे हुए हैं, जिनमें शुरू के छह महीनों में पानी आता रहा है और सप्लाई भी आती रही। उसके बाद से उसका मोटर पंप खराब हो गया। इसके बाद मोटर पंप आजतक नहीं बनाया गया।
इस ग्राम सभा से मलाजनी, हुलासी का नगला, ढुडहा, हटी का नगला, नगला भदौरिया, नगला हरिचंद्र, धारानगरी, आदि गांव में पानी की सप्लाई जाती थी। गांव में लगभग 36 हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से 11 हैंडपंप खराब है। लोगों को दूर से पानी लाना पड़ता है। इससे काफी परेशानी होती है।
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ग्रामीणों के अनुसार इस पानी की टंकी की लागत एक करोड 27 लाख रुपये से ज्यादा की बनी थी और टंकी को जलापूर्ति के लिए चलाकर भव्य कार्यक्रम में इसका शुभारंभ किया गया था।
मलाजनी गांव के रहने वाले दिनेश कुमार का कहना है कि यह पानी की टंकी मंहगी बनाई गई थी। कुछ समय पानी की सप्लाई चली, उसके बाद जब से टंकी की मोटर खराब हुई है तब से दोबारा बनकर नहीं आई और टंकी बंद पड़ी है।
मलाजनी के रहने वाले सचिन का कहना है कि गांव में पानी की भारी किल्लत है इस गर्मी में पशु पक्षी सभी परेशान है। हैंडपंप खराब पडे़ है। ऐसे में ग्रामीण जिनके यहां समर लगी हुई है वे पानी देते है तभी परेशानी हल होती है।
सुमित कुमार का कहना है कि गांव में जो हैंडपंप खराब पडे़ है उनको ठीक कराने के लिए प्रयास किए जा रहे है। पेयजल के लिए जो टंकी बनी थी, उसकी मोटर खराब है उसको बनने के लिए इटावा मिस्त्री के यहां डाला गया है और ग्राम सभा फंड से इसके लिए पैसा भी दिया गया, लेकिन अभी तक टंकी मोटर बनी नहीु है
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